कोर्ट मैरेज के फर्जी सर्टिफिकेट से युवती पर शादी करने का दबाव, आरोपी सेना के जवान पर नहीं हो रही कार्रवाई

 

Ranchi Samachar, Jharkhand News युवती का जीना मुहाल हो गया है। उसकी शादी कहीं और नहीं हो पा रही है।

मामला रांची का है। शिकायत दर्ज कराने के पांच माह बाद भी आरोपित पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे युवती का जीना मुहाल हो गया है। उसकी शादी कहीं और नहीं हो पा रही है।

रांची, रांची में एक युवक के फर्जीवाड़े से युवती का पूरा परिवार परेशान है। युवती का जीना मुहाल हो गया है। आरोपी सेना का जवान है। रांची के लोधमा के पुक्कु निवासी सुरेश उरांव ने करमटोली की युवती के साथ कोर्ट मैरेज का फर्जी सर्टीफिकेट बना लिया है। इसके बाद इसी सर्टिफिकेट के दम पर वह युवती के परिवार पर शादी का दबाव बना रहा है। पीड़िता के अनुसार बीते दिसंबर को आरोपित ने मेरे परिजनों को बताया कि उसकी शादी मेरे साथ हो चुकी है। यह सुनकर पूरा परिवार सकते में आ गया। आरोपी सेना के जवान ने फर्जी सर्टिफिकेट भी दिखाए।

सर्टिफिकेट देखकर परिजन युवती पर ही शक कर रहे हैं। यही नहीं, युवक ने आसपास के लोगों के बीच युवती से अपनी शादी हो जाने की खबर फैला दी है। इस कारण अब युवती की शादी कहीं और नहीं हो पा रही है। इधर, युवक के इस करतूत से परेशान युवती ने चार माह पहले ही महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को युवती अपने परिजनों के साथ कचहरी रोड स्थित मुख्य रजिस्ट्री ऑफिस पहुंची।

वहां, सर्टिफिकेट की जांच की गई तो वह फर्जी पाया गया। सर्टिफिकेट 14 फरवरी 2017 का है। सर्टिफिकेट पर रजिस्ट्रार के रूप में अविनाश कुमार का साइन है जबकि 2017 में अविनाश कुमार रांची में पोस्टेड थे ही नहीं। युवती के अनुसार युवक सेना का जवान है। उसकी करतूत की शिकायत सेना के उच्च अधिकारियों से भी की है। युवती ने बताया कि सेना के अधिकारी ने रजिस्ट्री ऑफिस से सर्टिफिकेट फर्जी है, ऐसा लिखवा कर लाने को कहा है।

सोशल मीडिया से ले लिया फोटो, फर्जी मुहर भी बना लिया

एक नजर में देखने पर सर्टिफिकेट बिलकुल असली दिखता है। उसपर युवक और युवती की फोटो भी है। इसपर युवती का कहना है कि फोटो सोशल मीडिया से लिया गया होगा। उसे नहीं मालूम। वहीं, जो मुहर लगाया हुआ है, वह भी बिलकुल असली लगता है।

प्रतिदिन 4-5 फर्जी सर्टीफिकेट के मामले आते हैं सामने

रांची में रजिस्ट्री ऑफिस में मैरेज सर्टिफिकेट के फर्जी सर्टीफिकेट के 4-5 मामले सामने आते हैं। इसपर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।