कब तक चरम पर पहुंच सकती है कोरोना की दूसरी लहर, सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया


कोविड-19 महामारी का मौजूदा संक्रमण अगले महीने के मध्य में चरम पर पहुंच सकता है।

सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) केवी सुब्रमणियम ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का मौजूदा संक्रमण अगले महीने के मध्य में चरम पर पहुंच सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव उतना व्यापक नहीं होगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार के मुख्य आर्थिक  सलाहकार (सीईए) केवी सुब्रमणियम ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का मौजूदा संक्रमण अगले महीने के मध्य में चरम पर पहुंच सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव उतना व्यापक नहीं होगा। सुब्रमणियम ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चरम पर पहुंचने का उनका आकलन आइसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) समेत विभिन्न संगठनों के शोध पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वह महामारी के कोई विशेषज्ञ नहीं है, अत: उनके आकलन को उसी परिपेक्ष में प्रतिवाद के साथ लिया जाना चाहिए।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अगले तीन हफ्ते बेहद अहम : हर्षवर्धन

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी को लेकर अगले तीन हफ्ते बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। टेस्टिंग में तेजी लाई जा रही है और कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। कोरोना से बचाव के नियमों को भी सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम को उदार बनाने से अभियान की रफ्तार बढ़ेगी और उत्पादकों को भी क्षमता बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलेगा। स्थानीय उद्योग संगठन आइएमसी द्वारा आयोजित एक समारोह में हषवर्धन ने स्वीकार किया कि यह तनावपूर्ण समय है और बदलते हालात के साथ सरकार की नीतियां आकार ले रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस संकट ने हमें अंदर तक हिला दिया है लेकिन मिलकर चुनौती से निपटने के हमारे संकल्प को भी मजबूत किया है। उन्होंने कहा, 'आज भारत में अनेक राज्यों में कोरोना की एक और लहर दिखाई दे रही है। इतना अधिक संक्रमण फैलाने वाले वायरस को रोकना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है क्योंकि हमारे जैसे देश में बड़े शहरों और कस्बों में बहुत अधिक जनसंख्या घनत्व है।'

सरकार बेहतर तरीके से तैयार 

हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार 2020 की तुलना में बेहतर तरीके से तैयार है और संकट पर काबू पाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है जिनमें संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए समय पर उपाय करना तथा टीकाकरण अभियान का विस्तार करना शामिल है।