क्या यूपी से दिल्ली में ऑक्सीजन सप्लाई में बाधा बन रहा है किसान आंदोलन

मोदीनगर के अंतर्गत भोजपुर क्षेत्र में ऑॅक्सीजन प्लांट उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा हाईटेक प्लांट है।

 जानकारों की मानें तो राजधानी दिल्ली से लगी सीमाओं पर गाड़ी से लदे ऑक्सीजन टैंकरों को किसान आंदोलन के चलते कई-कई घंटे जाम में फंसना पड़ता है। इससे दिल्ली में देरी से ऑक्सीजन का टैंकर पहुंच रहा है।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। कहा जा रहा है कि यूपी के गाजियाबाद से दिल्ली में होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति किसान आंदोलन बाधा बन रहा है। दरअसल, मोदीनगर के अंतर्गत भोजपुर क्षेत्र में ऑॅक्सीजन बनाने के हाइटेक प्लांट से ऑक्सीजन सिलेंडर से लदी गाड़ी तो चलती है, लेकिन तय समय पर पहुंच नहीं पाती है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसान प्रदर्शनकारियों की वजह से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की सभी लेन नहीं खोली गई हैं, जिससे गाड़ियों को जाम में फंसना पड़ता है। 

जानकारों की मानें तो राजधानी दिल्ली से लगी सीमाओं पर गाड़ी से लदे ऑक्सीजन टैंकरों को किसान आंदोलन के चलते कई-कई घंटे जाम में फंसना पड़ता है। इससे दिल्ली में देरी से ऑक्सीजन का टैंकर पहुंच रहा है।  बताया जा रहा है कि दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन की ओर से ऑक्सीजन टैंकरों को रोका गया है। इसको लेकर ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनियों ने इस बारे में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

मोदीनगर के अंतर्गत भोजपुर क्षेत्र में ऑॅक्सीजन प्लांट उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा हाईटेक प्लांट है। यहां रोजाना ऑक्सीजन गैस के तकरीबन 15 हजार सिलेंडर भरे जाते हैं। वर्ष 2019 जनवरी माह में प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो पिछले साल बनकर तैयार हुआ। 

प्लांट का निर्माण आईनॉक्स एयर प्रॉडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किया गया है। इसकी क्षमता 150 से 170 टन है। यहां से आसपास के प्रदेशों समेत विदेशों में भी आपूर्ति की जाती है। भोजपुर क्षेत्र के अंतर्गत ईशापुर गांव के निकट हापुड़ रोड पर ही प्लांट स्थापित किया गया है। प्लांट निर्माण में करीब 110 करोड़ की लागत आई है।   इसके अलावा, गाजियाबाद में भी पहले से एक ऑक्सीजन प्लांट हैं, लेकिन उसकी क्षमता करीब 80 टन हैं।

वहीं, दिल्ली से सटे नोएडा में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथी जिले में ऑक्सीजन के साथी अभी संकट खड़ा हुआ है। ऑक्सीजन सिलेंडर के वाहन से लेकर एंबुलेंस जाम में फंस रहे हैं। इससे मरीजों को भी जान अस्पताल में अटक रही है। इस समस्या से निजात के लिए ट्रैफिक पुलिस ने तय किया है अब आवश्यकता पड़ने पर एंबुलेंस या ऑक्सीजन टैंकर को ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया जाएगा। जनसामान्य को दवाई आदि की आवश्यकता उत्पन्न होने पर यातायात हेल्पलाइन नंबर-9971009001 पर संपर्क कर सकते है।