लाल किले पर हिंसा का आरोपित एक लाख का इनामी लक्खा पहुंच सकता शंभू टोल प्लाजा

 

लाल किला हिंसा का आरोपित लक्खा सिधाना। फाइल फोटो

शंभू बार्डर पर लक्खा सिधाना आएगा। शुक्रवार शाम तक पहुंच सकता है। किसान यूनियन की ओर से उसके पहुंचने का मैसेज वायरल किया जा रहा है। बता दें कि 26 जनवरी को दिल्ली लाल किला के मामले में सिधाना का नाम आया था।

अंबाला। 26 जनवरी के दिन किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में नामजद एक लाख का इनामी लक्खा सिधाना शुक्रवार शाम को शंभू टोल प्लाजा पर आ सकता है। पंजाब-हरियाणा की सीमा स्थित शंभू बार्डर पर बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने की संभावना है। किसान यूनियन की ओर से मैसेज भी वायरल किया जा रहा है।

किसान आंदोलन में लक्खा सिधाना युवाओं का नेतृत्व करता रहा है। 26 जनवरी को लालकिला के मामले में लक्खा सिधाना का नाम शामिल हैै और दिल्ली पुलिस ने सिधाना पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था। बता दें कि भारतीय किसान यूनियन की ओर से एक मैसेज वायरल किया जा रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि शंभू टोल बैरियर पर भारतीय किसान यूनियन की ओर से धरना दिया जा रहा है। इसी धरने पर शुक्रवार शाम चार बजे लक्खा पहुंचेगा।

लक्खा सिधाना पंजाब के बठिंडा का रहने वाला है। लक्खा कबड्डी का खिलाड़ी भी रह चुका है। खेल से अपराध और फिर राजनीति में आने वाले लक्खा ने किसान आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। अब दिल्ली हिंसा में भी सिधाना का नाम आ रहा है। सिधाना पर आरोप था कि 26 जनवरी से दो दिन पहले सिधाना ने वीडियो के जरिये पुलिस को खुलेआम चुनौती दी थी। बल्कि पंजाब में आयोजित किसान महारैली के मंच पर भी देखा गया। इससे पहले लक्खा सिधाना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में लोगों से बठिंडा के मेहराज गांव में एक जनसभा में शामिल होने की अपील भी की थी।

सिधाना के जनसभा में शामिल होने को लेकर काफी अटकलें थीं, क्योंकि वह दिल्ली पुलिस का वांटेड है। पंजाब में कई मामले दर्ज हैं। वह कई बार जेल भी जा चुका है। 2012 में उसने राज्य में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। लक्खा सिधाना किसानों की रैली में था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने हिम्मत नहीं जुटाई थी, जबकि वह मंच पर करीब एक घंटे 45 मिनट तक मौजूद रहा था। इसके बाद लोग उसे रैली स्थल से बाहर ले गए।