यूरोप के वैक्सीनेशन प्रोग्राम को बेहद धीमा बताते हुए कहा कि यह अस्वीकार्य है

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोप में वैक्सीन लगाने की गति को अस्वीकार्य रूप से धीमा के रूप में कहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोप में वैक्सीन लगाने की गति को अस्वीकार्य रूप से धीमा के रूप में कहा है। डब्‍ल्‍यूएचओ ने कहा कि यह महामारी को लंबा खींच रहा है क्योंकि क्षेत्र कोरोना वायरस के संक्रमण में चिंताजनक वृद्धि को देखता है।

 जेनेवा, एजेंसियां विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोप में वैक्सीन लगाने की गति को बेहद धीमा बताते हुए कहा है कि यह अस्वीकार्य है। डब्‍ल्‍यूएचओ ने कहा कि यह महामारी को लंबा खींच रहा है क्योंकि क्षेत्र कोरोना  वायरस के संक्रमण में चिंताजनक वृद्धि को देखता है। यह बात डब्‍ल्‍यूएचओ के यूरोप डायरेक्‍टर हंस क्लूज ने कही।  

हंस क्लूज ने कहा कि क्षेत्र की केवल 10 फीसदी आबादी को एक वैक्सीन की खुराक मिली है और 4 फीसदी ने पूरा कोर्स पूरा कर लिया है। हमें विनिर्माण को तेज करना होगा। टीके लगाने में अवरोधों को कम करने और स्टॉक में हर एक शीशी का उपयोग करना चाहिए।

जैसा कि कोरोना वायरस का नए वेरिएंट का प्रसार अस्पतालों में चिंता का विषय बना हुआ है। इस कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। धार्मिक अवकाश वेरिएंट का फैलाने में सहायक हो रहा है। वैक्‍सीन लगाने की गति चिंताजनक है।  

इसके अलावा वैक्‍सीन की कम आपूर्ति, कुछ वैक्सीन निर्माताओं द्वारा निर्यात में तकरार करने और देरी हो रही है। दुर्लभ तौर रक्‍त को थक्‍का बनाने  कीघटनाओं के बाद एस्ट्राजेनेका/ ऑक्सफोर्ड वैक्सीन की सुरक्षा पर चिंता भी टीकाकरण की गति पर अंकुश लगा रही है। कुछ देश अभी भी ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी के वैक्‍सीन के शॉट्स नहीं दे रहे हैं और जर्मनी सहित अन्‍य देशों ने एस्ट्राजेनेका/ ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रतिबंधित कर रखा है।