इस बार आरएसएस का नहीं निकलेगा पथ संचलन, स्‍वयंसेवक सभी शाखाओं में मनाएंगे वर्ष प्रतिपदा का उत्सव

 

RSS Program on Indian New Year Day कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवक अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर आएंगे।

 संघ के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देश का स्वयंसेवक पूरी तरह से पालन करेंगे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी स्वयंसेवक अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर आएंगे।

रांची,  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने छह प्रमुख उत्सवों में से एक भारतीय नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) का उत्सव इस बार सामूहिक रूप से नहीं करते हुए सभी शाखाओं पर मनाने का निर्णय लिया है। एक स्थान पर स्वयंसेवकों की संख्या भी कम रहेगी। साथ ही जहां पथ संचलन निकालने की योजना बनी थी, उसे भी स्थगित कर दिया गया है। ऐसा निर्णय कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण लिया गया है।

इस बार 13 अप्रैल को वर्ष प्रतिपदा का उत्सव मनाया जाएगा। वर्ष प्रतिपदा के दिन ही संघ संस्थापक डाॅ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। उस दिन शाखा लगाने से पूर्व सभी स्वयंसेवक संघ संस्थापक को याद करते हुए आद्य सरसंघचालक प्रणाम करते हैं। इस बार कार्यक्रम में समाज के लोगों को भी आमंत्रित नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी स्वयंसेवक अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर आएंगे और कार्यक्रम स्थल पर सैनिटाइजर का उपयोग करेंगे।दो गज की दूरी बनाकर शाखा में खड़े होंगे। संघ के एक अधिकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देश का स्वयंसेवक पूरी तरह से पालन करेंगे। लाॅकडाउन के कारण पिछले वर्ष सभी स्वयंसेवकों ने अपने-अपने घरों में ही आद्य सरसंघचालक को प्रणाम किया था।

सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संघ के अधिकारी करेंगे प्रवास

बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए संघ ने प्रचारकों व अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए प्रवास करने की सलाह दी है। भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और बड़े कार्यक्रम का आयोजन नहीं करने के लिए कहा गया है। समय-समय पर सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।

प्रशिक्षण शिविर के लिए तत्कालीन परिस्थिति को देखते हुए लिए जाएंगे निर्णय

आरएसएस के एक अधिकारी के अनुसार अब तक अलग-अलग राज्यों में मई से लेकर जून तक संघ के प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाने की योजना बनी हुई है। इसकी तैयारी भी चल रही है, परंतु तत्कालीन निर्णय उस समय की परिस्थिति और सरकारी दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिए जाएंगे। पिछले वर्ष प्रशिक्षण शिविर को स्थगित कर दिया गया था।