क्यों अरविंद केजरीवाल की रैली का बहिष्कार करेगा हरियाणा संयुक्त मोर्चा

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो।

हरियाणा संयुक्त मोर्चा ने जींद में 4 अप्रैल को होने वाली रैली के बहिष्कार करने का एलान किया है। मोर्चा के नेताओं ने साफ-साफ संदेश दिया है कि जींद में होने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रैली के बहिष्कार किया जाएगा।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क।तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ जहां किसान दिल्ली-हरियाणा के चारों बॉर्डर (शाजहांपुर, टीकरी, सिंघु और गाजीपुर) पर धरना दे रहे हैं, वहीं अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस कड़ी में आगामी 4 अप्रैल को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा के जींद जिले में होने वाली रैली को संबोधित करेंगे। इस बीच  हरियाणा संयुक्त मोर्चा ने जींद में 4 अप्रैल को होने वाली रैली के बहिष्कार करने का एलान किया है। मोर्चा के नेताओं ने साफ-साफ संदेश दिया है कि जींद में होने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रैली के बहिष्कार किया जाएगा। मोर्चा के नेताओं का कहना है कि 26 जनवरी को दिल्ली में हुई किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले की घटना के बाद टीकरी बॉर्डर के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर भी अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से आंदोलन स्थल से सुविधाएं वापस ले ली गईं हैं। इस वजह से हरियाणा संयुक्त मोर्चा ने अरविंद केजरीवाल की जींद रैली का बहिष्कार करने का एलान किया है। 

अरविंद केजरीवाल से मांगा इस्तीफा

जागरण संवाददाता के मुताबिक, बुधवार को टीकरी बॉर्डर पर हरियाणा संयुक्त मोर्चा के प्रभारी प्रदीप धनखड़ की अध्यक्षता में बैठक के बाद कहा है कि दिल्ली के सीएम यदि अरविंद केजरीवाल किसान हितैषी हैं तो इस्तीफा देकर आंदोलन का समर्थन क्यों नहीं करते। दिल्ली में लंबित कृषि सुधारों पर ठोस कदम क्यों नहीं उठाते। आम आदमी पार्टी के किसी भी सांसद, मंत्री या पदाधिकारी ने किसानों के पक्ष में इस्तीफा क्यों नहीं दिया है?

अरविंद केजरीवाल का याद दिलाया वादा

बुधवार को टीकरी बॉर्डर पर मोर्चा के प्रभारी प्रदीप धनखड़ ने कहा कि जब किसानों ने घोषणा की है कि राजनीतिक पद छोड़े बिना किसी भी पार्टी को कोई रैली या किसान आंदोलन के मंच का इस्तेमाल नहीं करने देंगे। फिर भी यदि अरविंद केजरीवाल जींद की धरती का राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए दुरुपयोग करेंगे तो काले झंडों के साथ उनका विरोध होगा।

आम आदमी पार्टी के हरियाणा प्रदेश सहप्रभारी व राज्यसभा सदस्य डॉ. सुशील गुप्ता ने दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल को सुनने के लिए 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए काले कृषि कानूनों को लेकर किसान चार महीनों से अधिक समय से टिकरी, सिंघु, गाजीपुर तथा अन्य बॉर्डरों पर धरनों पर बैठे हुए हैं। लेकिन सरकार अपने हठ पर अड़ी हुई है। अब चार अप्रैल को अरविंद केजरीवाल की किसान महापंचायत हरियाणा की राजनीति को नया मोड़ देगी। गुप्ता ने कहा कि आप पार्टी संसद से सड़क तक किसानों की आवाज उठा रही है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेता आज जनता से मुंह छिपाते फिर रहे हैं।