कोरोना के मुश्किल भरे दौर में दिल्ली पुलिस बनी 'देवदूत', खबर पढ़कर आप भी करेंगे तारीफ

 

काफी कोशिश के बाद भी जब उन्हें दवा नहीं मिली तो उन्होंने थाने में तैनात कांस्टेबल झाबरमल से संपर्क किया।

अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि पश्चिमी जिला पुलिस जरूरतमंदों की मदद को पूरी तरह तैयार है। पुलिस अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझ रही है। हमलोगों को पता चला कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए जरूरी आक्सीजन की मात्रा सीमित ही बची है।

नई दिल्ली, कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच दिल्ली पुलिस की ओर न सिर्फ संक्रमित या उनके स्वजन बल्कि अस्पताल प्रबंधन की भी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। आलम यह है कि एक ओर होम आइसोलेशन में रहने वालों को दिल्ली पुलिस एक ओर दवा उपलब्ध कराने में जुटी है तो दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन को जरूरी आक्सीजन भी मुहैया करा रही है ताकि जिंदगी की गाड़ी चलती रहे। ताजा मामला द्वारका साउथ थाना का है। क्षेत्र में रहने वाले एक सज्जन को कोरोना के उपचार में इस्तेमाल होने वाली फेवी फ्लू दवा की सख्त जरूरत थी। वे करीब तीन दिनों से इस दवा के लिए परेशान थे। काफी कोशिश के बाद भी जब उन्हें दवा नहीं मिली तो उन्होंने थाने में तैनात कांस्टेबल झाबरमल से संपर्क किया।

झाबरमल फौरन सक्रिय हुए पूरे इलाके के तमाम दवा दुकानों में जाकर संपर्क किया कि यदि किसी के पास फेवीफ्लू हो तो उपलब्ध कराएं। एक दुकानदार ने इन्हें कहा कि उपलब्ध नहीं है लेकिन बाहर से मंगाने की कोशिश करता हूं। मेहनत रंग लाई और दवा का इंतजाम हो गया। झाबरमल बताते हैं कि ऐसे कई काल रोज आते हैं। एक महिला ने उनसे कहा कि एक सोसाइटी में उनके बुजुर्ग माता- पिता अकेले रहते हैं। दोनों बीमार हैं। अभी तक रोजाना उनके लिए वे स्वयं दवा व फल लेकर जाती थी, लेकिन आजकल वे स्वयं बीमार चल रही हैं। कुछ दिन पड़ोसियों ने मदद किया लेकिन अब उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए, आप मदद करें। झाबरमल ने इस अपील को स्वीकार किया और बुजुर्ग दंपति के लिए जरूरी चीजों का इंतजाम किया। इंटरनेट मीडिया पर लोग झाबरमल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

आक्सीजन सिलेंडर की लगातार मदद

21 अप्रैल को सुबह करीब पौने नौ बजे पीसीआर के माध्यम से जनकपुरी थाना पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र के एक अस्पताल में आक्सीजन की सीमित मात्रा ही बची है, जबकि अस्पताल में 32 ऐसे मरीज भर्ती हैं जो कोरोना संक्रमित हैं। जब यह बात वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आई तो उन्होंने फौरन निर्देश दिए कि जरूरी आक्सीजन का इंतजाम तत्काल किया जाए। इसके बाद पुलिस ने अपने संपर्कों के जरिए आक्सीजन का इंतजाम करना शुरू किया। पुलिस ने तत्काल 11 सिलेंडर अस्पताल प्रबंधन को उपलब्ध करा दिए।अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि पश्चिमी जिला पुलिस जरूरतमंदों की मदद को पूरी तरह तैयार है। पुलिस अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझ रही है। हमलोगों को पता चला कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए जरूरी आक्सीजन की मात्रा सीमित ही बची है। इसके बाद हमलोगों ने तीन अलग अलग जगहों से संपर्क कर आक्सीजन सिलेंडरों का इंतजाम किया। इसके पहले भी पुलिस जरूरत पड़ने पर अस्पतालों को आक्सीजन मुहैया करा चुकी है।