जुर्माना लगाने के बावजूद अलीबाबा के प्रभाव से चीनी अधिकारी बेचैन

 

जुर्माना लगाने के बावजूद अलीबाबा के प्रभाव से चीनी अधिकारी बेचैन

पिछले साल दिसंबर में अलीबाबा समूह की कारोबारी समाचार साइट हुक्सियू चेतावनी दी थी कि इंटरनेट कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई से चीन की अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचेगा। हालांकि इस लेख को कुछ देर बाद ही हटा लिया गया।

बीजिंग, एएनआइ। चीन के नियामकों द्वारा अलीबाबा समूह पर 280 करोड़ डालर (करीब 21,000 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना लगाए जाने के बावजूद मीडिया में ई-कामर्स कंपनी के बढ़ते प्रभाव से चीनी अधिकारी बेचैन हैं।  निक्की एशिया (Nikkei Asia) के मुताबिक, अलीबाबा अपने आनलाइन शापिंग प्लेटफार्म ताओबाओ (Taobao) और तमाल (Tmall) के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। लेकिन हांगझाऊ (Hangzhou) स्थित कंपनी ने अपना मीडिया साम्राज्य भी खड़ा किया है। 

चीनी नियामकों का कहना है कि अलीबाबा ग्रुप ने  एकाधिकार विरोधी नियमों का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही बाजार में अपनी साख का दुरुपयोग भी किया है। इसलिए कंपनी के खिलाफ 2.75 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की यह राशि 2019 में अलीबाबा द्वारा कमाए गए राजस्व के लगभग 4 फीसदी के बराबर है। बता दें कि जैक मा ने पिछले साल सरकार की नीतियों की आलोचना की थी, तभी से वे चीनी सरकार के निशाने पर आ गए हैं।  

इनमें समाचार पत्र, डिजिटल और ब्राडकास्ट मीडिया, इंटरनेट नेटवर्किंग प्लेटफार्म, वीडियो स्ट्रीमिंग साइट, फिल्म निर्माण कंपनी और विज्ञापन एजेंसियां शामिल हैं। अलीबाबा के लिए अन्य कारोबार के अलावा उपभोक्ताओं को इन मीडिया प्लेटफार्मो के जरिये मंच उपलब्ध कराना प्रभावशाली काम है। पिछले साल दिसंबर में अलीबाबा समूह की कारोबारी समाचार साइट हुक्सियू चेतावनी दी थी कि इंटरनेट कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई से चीन की अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचेगा। हालांकि इस लेख को कुछ देर बाद ही हटा लिया गया। हाल ही में चीन ने बड़ी तकनीकी कंपनियों को उद्योग जगत का कानून मानने को कहा है।

अलीबाबा के अंतर्गत हांग कांग के स्थानीय अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट, वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म यूकु(Youku) व ट्विटर जैसी सोशल मीडिया साइट वीबो का 30 फीसद शेयर है।  इसके साथ अलीबाबा ने चीन के यूट्यूब जैसे वीडियो प्लेटफार्म Bilibili,  न्यूज ग्रुप यिकाई मीडिया ग्रुप, डिजिटल न्यूज साइट 36Kr व Huxiu.com के अलावा चीन के सबसे बड़े ऑफलाइन एडवर्टाइजिंग कंपनी में भी निवेश किया है।