लापता जवान की बेटी ने लगाई गुहार, 'नक्सल अंकल, प्लीज....मेरे पापा को छोड़ दो'


नक्सलियों के चंगुल में कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह की बेटी (फोटो ट्वीटर)

नक्सली मुठभेड़ में लापता जवान को मुठभेड़ स्थल से थोड़ी दूर नक्सिलयों ने एक गांव में रखा है। वहां आसपास नक्सलियों की भी मौजूदगी है। इस बीच जवान की पांच साल की बेटी राघवी ने नक्सलियों से अपने पिता को रिहा करने की अपील की है।

सुकमा। छत्तीसगढ़ के जिला बीजापुर में शनिवार को नक्सलियों और सुरक्षा बल के बीच हुई मुठभेड़ के बाद रविवार को 22 जवानों के शहादत की पुष्टि की गई थी। इनमें से 21 जवानों के पार्थिवशरीर को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से हेलीकाप्टर की मदद से ससम्मान उठा लिया था। वहीं सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के एक जवान राकेश्वर सिंह मनहास लापता थे। सोमवार को नक्सलियों ने स्थानीय पत्रकारों को सूचना दी कि लापता जवान उनके कब्जे में है। साथ ही उन्होंने जवान को नुकसान न पहुंचाने की बात भी कही है।

सूत्रों के मुताबिक जवान को मुठभेड़ स्थल से थोड़ी दूर एक गांव में रखा गया है। वहां आसपास नक्सलियों की भी मौजूदगी है। इस बीच जवान की पांच साल की बेटी राघवी ने नक्सलियों से अपने पिता को रिहा करने की अपील की है। उसने कहा, 'पापा की परी पापा को बहुत मिस कर रही है। मैं अपने पापा से बहुत प्यार करती हूं। प्लीज नक्सल अंकल, मेरे पापा को घर भेज दो।' इसके बाद राघवी और उसके साथ वहां मौजूद सभी लोग रोने लगे। वहीं, जवान की पत्नी मीनू ने भी नक्सलियों से अपने पति को रिहा करने की अपील की है। सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास कोथियन जम्मू कश्मीर निवासी हैं। उनकी पदस्थापना बीजापुर जिले में है। नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन में वह भी शामिल थे। मुठभेड़ के बाद से उन्हें लापता बताया जा रहा था।.

सोमवार को नक्सलियों ने सुकमा जिले के कुछ पत्रकारों को फोन पर संपर्क कर बताया कि लापता जवान उनके कब्जे में है। उन्होंने कहा कि जवान पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के जवानों से यह भी अपील की है कि वे आपरेशन प्रहार में शामिल न हों। इस जानकारी के बाद इंटेलीजेंस और पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है और जवान की रिहाई को लेकर प्रयास शुरू हो चुके हैं।

गांव में देखा गया जवान

सूत्रों की मानें तो फायरिंग के दौरान राकेश्वर सिंह मनहास के पास गोली खत्म हो गई और वह पहाड़ी के पास स्वयं को बचाने के लिए छिप गया था। जब फायरिंग रुकी तो वहां से रायफल के साथ रास्ता भटक गए और एक गांव की तरफ चले गए। गांव से ठीक पहले ग्रामीण वेशभूषा में नक्सली संगठन के संघम सदस्यों ने जवान को रोका और उसकी रायफल ले ली। इसके बाद जवान को नक्सलियों को सौंप दिया। वहीं यह जानकारी भी मिल रही है कि जवान पहाड़ी के पास बेहोशी की हालत में मिला, जिसे ग्रामीणों ने नक्सलियों तक पहुंचाया।

मां चिंतित, पत्नी ने लगाई गुहार

जवान राकेश्वर सिंह मनहास के अपहरण की खबर मिलने के बाद से जम्मू में उनकी मां कुंती काफी चिंतित हैं। वहीं जम्मू में ही रह रही उनकी पत्नी मीनू ने पत्रकारों के माध्यम से नक्सलियों से अपील की है कि उनके पति की सुरक्षित रिहाई करें। सरकार से भी अपील की है कि उनके पति के रिहाई को लेकर प्रयास करें। उनकी चार वर्ष की एक बेटी है।

बीजापुर कांड में 21 जवान लापता

सुकमा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान 21 जवान लापता हो गए थे। इनमें से 20 के शव रविवार को एयरफोर्स की मदद से ढूंढे गए, जबकि एक जवान राजेश्वर सिंह की तलाश अब भी जारी है। यह कहना मुश्किल है कि नक्सलियों का दावा कितना सही है। अगर यह सच है तो संभावना है कि मुठभेड़ के बाद घायल जवान को भी अपने साथ लेकर गए होंगे। 

बीजापुर नक्सली हमले के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट

बीजापुर में नक्सलियों के ब़़ड़ी वारदात के बीच पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया इनपुट के आधार पर स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआइबी) बस्तर संभाग के सभी जिलों के साथ ही महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा से लगी सीमा के सभी जिलों को सर्चिंग बढ़ाने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।