एक फोन पर पुलिस ने पहुंचाई आक्सीजन, सबने कहा- थैक्यू दिल्ली पुलिस

 

आक्सीजन की कमी पर अस्पताल प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए।

अधिकारियों ने प्रबंधन को विश्वास दिलाया कि वह उन्हें आक्सीजन का इंतजाम करवाकर देंगे। कुछ ही देर में पुलिसकर्मियों ने आक्सीजन के दस सिलेंडर अस्पताल पहुंचाए। आलोक कुमार ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध को रोकने का नहीं है पुलिस लोगों की मदद के लिए होती है।

नई दिल्ली । कृष्णा नगर स्थित गोयल नर्सिंग होम में बुधवार रात को आक्सीजन खत्म होने में कुछ ही समय बचा। अस्पताल कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित है। अस्पताल प्रशासन को जिस वेंडर से आक्सीजन मंगवानी थी, उसने आपूर्ति करने में मजबूरी जाहिर कर दी। अस्पताल प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए। अस्पताल के निदेशक डा. अनिल गोयल ने संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार और जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन से मदद मांगी।

पुलिस का काम सिर्फ अपराध को रोकने का नहीं

अधिकारियों ने प्रबंधन को विश्वास दिलाया कि वह उन्हें आक्सीजन का इंतजाम करवाकर देंगे। कुछ ही देर में पुलिसकर्मियों ने आक्सीजन के दस सिलेंडर अस्पताल पहुंचाए। आलोक कुमार ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध को रोकने का नहीं है, पुलिस लोगों की मदद के लिए होती है। इस मुश्किल वक्त में पुलिस कोशिश कर रही है ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद करने की। डा. अनिल गोयल ने कहा कि पुलिस अगर सही वक्त पर मदद नहीं करती तो मरीजों को नुकसान हो सकता था, अस्पताल में 70 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इस काम के बाद मरीजों के परिजनों ने दिल्ली पुलिस का शुक्रिया अदा किया।

निगम स्कूलों को आइसोलेशन केंद्र बनाने के लिए तैयार: मुकेश

वहीं, दिल्ली में तेजी से बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनजर दक्षिणी निगम अपने प्राथमिक विद्यालयों और समुदाय भवनों में आइसोलेशन केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को दिया है। शिक्षा समिति के अध्यक्ष मुकेश सूर्यान ने बताया कि हमने ऐसे प्राथमिक विद्यालयों को चिन्हित कर लिया है, जहां आइसोलेशन केंद्र बनाए जा सकते हैं।

सुर्यान ने कहा कि दक्षिणी निगम दिल्ली सरकार के साथ मिलकर कार्य करने को तैयार है, लेकिन दिल्ली सरकार को भी हमारा सहयोग करना होगा। निगम अपने स्कूलों और समुदाय भवनों में आइसोलेशन केंद्र तो खोल लेंगे। दिल्ली सरकार की मंजूरी के साथ अन्य जरूरी संसाधन दिल्ली सरकार से चाहिए। शिक्षा समिति के अध्यक्ष ने कहा कि सभी आइसोलेशन केंद्रों में कम से कम 30 बेड की व्यवस्था की जाएगी और सभी चिकित्सा आवश्यक सुविधाएं बीपी जांच मशीन, व्हील चेयर, इलेक्टिक स्टीमर आदि उपलब्ध कराई जाएंगी।