धरती से करोड़ों मील दूर पथरीली जमीन पर मार्स रोवर ने ली इंजेंविनिटी के साथ कमाल की सेल्‍फी


मार्स रोवर परसिवरेंस ने हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी के साथ ली सेल्‍फी

मंगल ग्रह पर मार्स रोवर परसिवरेंस ने हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी के साथ एक सेल्‍फी ली है। कुछ दिनों में इस ग्रह पर इंजेंविनिटी की पहली उड़ान होनी है। इसको लेकर नासा काफी उत्‍साहित भी है। अब तक इसने सभी पड़ाव सही से पार किए हैं।

नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। धरती से करोड़ों मील की दूरी पर पर मौजूद मार्स रोवर परसिवरेंस ने मंगल की पथरीली जमीन पर एक सेल्‍फी ली है। इस तस्‍वीर में हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी भी दिखाई दे रहा है। नासा ने परसिवरेंस मार्स रोवर के ट्विटर अकाउंट से इसको पोस्‍ट करते हुए लिखा है कि टू बॉट्स वन सेल्‍फी। इसमें आगे लिखा गया है कि जेजीरो क्रेटर से ग्रीटिंग, जहां मैंने मिशन की पलही सेल्‍फी क्लिक की है। मैं मार्स हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी को भी दे रहा हूं, जो कि कुछ दिनों में अपनी पहली उड़ान के लिए तैयार हो रहा है। ये वास्‍तव में बहुत बहादुर और लाजवाब है।

इस ट्वीट पर नासा के एसोसिएट एडमिनिस्‍ट्रेटर थॉमस जुरबुचेन ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मार्स से हमें एक पोस्‍टकार्ड मिला है। नासा के परसिवरेंस ने इंजेंविनिटी के साथ वॉटसन कैमरे की मदद से एक सेल्‍फी ली है। ये शेरलॉक इंस्‍ट्रूमेंट का हिस्‍सा है जो रोवर की आर्म पर लगा हुआ है। नासा की ह्यूमन स्‍पेसफ्लाइट प्रोग्राम को लीड करने वाली कैथी लॉडर्स का कहना है कि 9 अप्रैल को खास दिन है। इस दिन डॉक्‍टर थॉमस नासा परसिवरेंस टीम के अपने दूसरे विशेषज्ञों के साथ मिलकर लोगों के सवालों का जवाब देंगे। जिसके मन में जो कुछ सवाल हों वो पूछ सकते हैं। उन्‍होंने ये भी लिखा है कि 11 अप्रैल से पहले हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी की उड़ान नहीं होगी। इसके बाद इसकी कंट्रोल फ्लाइट होगी जो किसी भी दूसरे ग्रह पर होने वाली इस तरह की पहली उड़ान होगी।

आपको बता दें कि नासा इस उड़ान को लेकर काफी उत्‍साहित है। नासा ने 5 अप्रैल को ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि मार्स रोवर से इंजेंविनिटी को निकाल बाहर निकाल दिया है। इसके बाद 6 अप्रैल को पहली बार ये हेलीकॉप्‍टर अपने पांव पर लाल ग्रह की पथरीली जमीन पर खड़ा हुआ था। 7 अप्रैल को नासा ने बताया कि इंजेंविनिटी ने मंगल ग्रह की सतह पर हाड जमा देने वाले मौसम में पहली रात सफलतापूर्वक गुजार ली। नासा को डर था यहां के माइनस 90 डिग्री सेल्सियस के तापमान में इसको नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रात गुजारने के बाद इसकी सही तरह से आवाज आ रही है।

7 अप्रैल को ही मार्स रोवर ने मंगल ग्रह पर एक कमाल की फोटो खींची थी जिसमें लाल ग्रह के आसमान में एक इंद्रधनुष बना हुआ दिखाई दे रहा था। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना था कि वहां पर ऐसा नहीं हो सकता है क्‍योंकि वहां का तापमान काफी कम है। इसलिए वहां पर पानी लिक्विड में मौजूद नहीं हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना था कि ये मार्स के कैमरे की चमक की वजह से हुआ है।