दून में नाइट कर्फ्यू के आदेश जारी, जानें- गाइडलाइन और कौन सी सेवाएं रहेंगी सुचारू

 

दून में नाइट कर्फ्यू के आदेश जारी, जानिए गाइडलाइन और कौन सी व्यवस्थाएं रहेंगी सुचारू।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं जिसे देखते हुए राजधानी देहरादून में नाइट कर्फ्यू को लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत रात दस बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू रहेगा।

 संवाददाता, देहरादून।  कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिसे देखते हुए राजधानी देहरादून में नाइट कर्फ्यू को लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत रात दस बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू रहेगा। नाइट कर्फ्यू में सुबह छह बजे तक शहर में आवाजाही नहीं की जा सकेगी। हालांकि, आवश्यक सेवाएं पूरी तरह सुचारू रहेंगी। फिलहाल यह व्यवस्था नगर निगम क्षेत्र देहरादून और छावनी परिषद गढ़ीकैंट, क्लेमेंटटाउन के अंतर्गत लागू रहेगी। 

देहरादून में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार तेज हो गया है। यहां औसतन रोजाना करीब 300 मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने देहरादून में नाइट कर्फ्यू लगाने के आदेश दिए। इस क्रम में जिला प्रशासन ने दस अप्रैल यानी आज आदेश भी जारी कर दिए हैं। तो चलिए आपको बता दें कि नाइट कर्फ्यू के दौरान क्या छूट रहेगी। 

ये रहेगी छूट  

  • चिकित्सा और आवश्यक सेवाओं के साथ ही फल, सब्जी, दूध, पेट्रोल, और गैस आपूर्ति से जुड़े हुए वाहनों को आगमन में छूट रहेगी।
  • मेडिकल की दुकानें और पेट्रोल पंप पूरे समय खुले रह सकेंगे। 
  • हवाई जहाज, ट्रेन, बस से यात्रा करने वाले व्यक्तियों को आवागमन में छूट रहेगी। 
  • सार्वजनिक हित के निर्माण कार्य चलते रहेंगे। साथ ही इनसे जुड़े कार्मिक और मजदूरों को आवागमन में छूट रहेगी। 
  • औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों को संबंधित औद्योगिक इकाई का पहचान पत्र दिखाना होगा। 
  • नगर क्षेत्र के बाहर से अगर कोई व्यक्ति नगर क्षेत्र होते हुए किसी अन्य जिले के लिए अपने परिवहन से आवागमन करता है तो ऐसे वाहनों को छूट रहेगी। 
  • विवाहों में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों को विवाह का निमंत्रण पत्र दिखाने पर आवागमन में छूट रहेगी। 

इसके साथ ही नगर निगम देहरादून में हर रविवार सुबह ग्यारह बजे से बड़े पैमाने पर विशेष सैनिटाइजेशन अभियान चलाए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए समय-समय पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य होगा।