हापुड़ में महापंचायत को संबोधित करने बैलगाड़ी से पहुंचे राकेश टिकैत

 

हापुड़ में आयोजित महापंचायत को संबोधित करने के लिए बैल गाड़ी में बैठकर जाते राकेश टिकैत।

तीनों कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को धार देने की कोशिश में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत एक बार फिर से जुुट गए हैं। राकेश टिकैत आज हापुड़ में दो बजे महापंचायत को संबोधित करेंगे।

नई दिल्ली/ हापुड़ कृषि सुधार कानूनों का विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन(अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत मंगलवार को महापंचायत को संबोधित करने के लिए बैलगाड़ी पहुंचे। महापंचायत बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव की जमीन पर हो रही है। महापंचायत की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, महापंचायत दोपहर दो बजे से होनी थी लेकिन राकेश टिकैत अब पहुंचे हैं। महापंचायत थोड़ी देर में ही शुरू होगी। 

इस महापंचायत के लिए संगठन के जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी। जिसे देर रात अनुमति भी मिल गई। प्रशासन ने दो सौ लोगों को महापंचायत में शामिल होने की इजाजत दी है। इसके साथ ही कोरोना नियमों का पालन करने को भी कहा गया है।

बता दें कि भारतीय किसान यूनियन की तरफ से कृषि सुधार कानूनों का विरोध किया जा रहा है। इसको लेकर संगठन के लोग गाजीपुर बार्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत विभिन्न राज्यों और जनपदों में घूम-घूमकर महापंचायत कर रहे हैं। वह कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर कानून बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों को बुलाने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा गांव-गांव घूमकर संपर्क किया गया था। उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह ने महापंचायत का आयोजन कराने की सूचना दी है। इसकी अनुमति के लिए उन्होंने आवेदन किया है। जिसकी जांच के लिए पुलिस क्षेत्रधिकारी धौलाना को निर्देशित किया था। उन्होंने कहा कि अनुमति शर्तों के साथ ही दी जाएगी। सीओ से रिपोर्ट न मिलने के कारण सोमवार शाम तक अनुमति नहीं दी जा सकी थी।

गांव-गांव किसानों से किया जनसंपर्क

राकेश टिकैत की महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव टियाला, असौड़ा, दादरी, जोगीपुरा, सुल्तानपुर, सलाई गांव में पहुंचकर गांव वालों को जागरूक किया गया था। साथ ही गांव वालों ने ज्यादा संख्या में पहुंचने का भरोसा दिया।