एक बार सेहत की जांच तो करवा दो सरकार

 

होम आइसोलेशन के मरीजों को देखने के लिए नहीं पहुंच रही है टीम।

 होम आइसोलेशन के मरीजों को देखने के लिए नहीं पहुंच रही है टीम। फोन से भी स्वास्थ्य विभाग की टीम हालचाल नहीं पूछी रही है। जिले में हर दिन कोविड के पांच सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं।

आगरा,  संवाददाता। दयालबाग निवासी विक्रम सिंह 16 अप्रैल को कोविड पाजिटिव हुए थे। नियमानुसार 48 घंटे के भीतर विक्रम सिंह को कोविड प्रोटोकाल के तहत सुविधा मिलनी चाहिए। घर पर टीम पहुंचनी चाहिए और क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। घर पर न तो टीम पहुंची है और न ही सैनिटाइजेशन कराया गया। विक्रम के आसपास आधा दर्जन लोगों को बुखार और जुकाम है। जयपुर हाउस निवासी शुभकर दिवाकर 11 अप्रैल को कोविड पाजिटिव हुए। घर में खुद को आइसोलेट कर लिया। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम से जो मदद मिलनी चाहिए। वह नहीं मिली। दवा देने कोई नहीं पहुंचा। न ही आसपास कांटेक्ट ट्रैसिंग कर जांच की गई। शहर में विक्रम और शुभकर अकेले नहीं हैं बल्कि ऐसे मरीजों की संख्या कहीं अधिक है। जिनके यहां पर काेई टीम नहीं पहुंची है। दयालबाग निवासी रामलाल गुप्ता ने बताया कि परिवार के दो सदस्यों को काेविड की पुष्टि हुई थी। निजी डाक्टर की सलाह पर दवाएं ले रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है। न ही किसी तरह की कोइ दवा आदि दी जा रही हैं। 

हर दिन पांच सौ से अधिक आ रहे हैं मरीज 

जिले में हर दिन कोविड के पांच सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। तीन से पांच मरीजों की मौत हो रही है।

बाहर घूमते हुए पाए जाने पर दर्ज होगा मुकदमा 

एडीएम सिटी डा. प्रभाकांत अवस्थी का कहना है कि कोविड मरीज अगर होम आइसोलेशन का उल्लंघन करते हुए पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।