हम चाहते थे कि फैसल आत्मसमर्पण कर दे पर उसके साथियों नहीं करने दिया
फैसल के जाने के बाद अब उसकी चार बहनों सहित परिवार के अन्य सदस्यों का ख्याल कौन रखेगा।

फैसल का मन बन भी गया था परंतु उसके साथ मौजूद दूसरे आतंकियों ने उसे ऐसा नहीं करने दिया। एक आतंकी तो सुरक्षाबलों ने शनिवार को ही मार गिराया था जबकि दो अन्य को सुरक्षाबलों ने सुबह तक घेरकर रखा था।

श्रीनगर,पाकिस्तान समर्थक आतंकवादी संगठन कश्मीर के युवाओं को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। अफसोस की बात यह है कि बार-बार उनके द्वारा अपील करने के बाद भी घाटी के युवा उनकी बातों में आकर आतंकवाद का रास्ता अपना रहे हैं। हम परिजनों से भी कई बार अपील कर चुके हैं कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। अगर वे गलत रास्ते पर जा रहे हैं तो समय रहते उन्हें वापस बुला लें। जम्मू-कश्मीर पुलिस व सेना का पूरा प्रयास रहता है कि वे झूठे दावों के बीच आतंकवाद की राह पर निकले युवाओं को वापस मुख्यधारा में लाएं। यही वजह है कि वह मुठभेड़ के दौरान कई बार आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए मनाते हैं।

यह बात कश्मीर जोन के आइजीपी विजय कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि शोपियां के चित्रीगाम में सुरक्षाबलों द्वारा गए तीनों आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का कई बार मौका दिया गया। घेरे गए आतंकवादियों में 14 साल का वह युवक फैसल भी था, जो कुछ दिन पहले घर से लापता हो गया था। उसके परिजनों को मुठभेड़ स्थल पर लाया गया। चार बहनों के इकलौते भाई फैसल को उसके परिजनों ने कई बार परिवार का हवाला देते हुए वापस लौटने की गुहार लगाई। फैसल का मन बन भी गया था परंतु उसके साथ मौजूद दूसरे आतंकियों ने उसे ऐसा नहीं करने दिया। एक आतंकी तो सुरक्षाबलों ने शनिवार को ही मार गिराया था जबकि दो अन्य को सुरक्षाबलों ने सुबह तक घेरकर रखा था।

सुबह एक बार फिर फैसल के परिजनों काे मुठभेड़ स्थल पर बुलाया गया। परिजनों ने उससे वापस लौटने के लिए कहा। परंतु इस बार फैसल ने इससे इंकार कर दिया। नतीजतन मुठभेड़ के दौरान दोनों आतंकी मारे गए। मारे गए आतंकवादियों में 14 वर्षीय आतंकी फैसल गुलजार गनी निवासी चित्रीगाम कलां के अलावा अलबदर का जिला कमांडर आसिफ अहमद गनी निवासी चित्रीग्राम कलां शोपियां और उबैद अहमद निवासी गनोवपोरा शोपियां शामिल हैं।

आइजीपी ने एक बार फिर कश्मीर के युवाओं व उनके परिजनों से अपील की कि वह आतंकवादी संगठनों की झूठी बातों में न आएं। आतंकवाद की राह पर चलकर वे अपना भविष्य तो खराब कर रही रहे हैं। अपने परिजनों के लिए भी दुख का सबब बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि फैसल के जाने के बाद अब उसकी चार बहनों सहित परिवार के अन्य सदस्यों का ख्याल कौन रखेगा।