वासंतिक नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित माता श्रृंगार गौरी का किया दर्शन-पूजन

 

ज्ञानवापी स्थित मंदिर में वार्षिक परंपरा के तहत पट खोले गए और 12 लोगों को दर्शन-पूजन की अनुमति दी गई।

वासंतिक नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर शुक्रवार को गौरी दर्शन यात्रा के क्रम में श्रद्धालुओं ने श्रृंगार गौरी का दर्शन पूजन किया। ज्ञानवापी स्थित मंदिर में इसके लिए वार्षिक परंपरा के तहत सुबह पट खोले गए और 12 लोगों को दर्शन-पूजन की अनुमति दी गई।

वाराणसी। वासंतिक नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर शुक्रवार को गौरी दर्शन यात्रा के क्रम में श्रद्धालुओं ने श्रृंगार गौरी का दर्शन पूजन किया। ज्ञानवापी स्थित मंदिर में इसके लिए वार्षिक परंपरा के तहत सुबह पट खोले गए और 12 लोगों को दर्शन-पूजन की अनुमति दी गई।

ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी मंदिर 2004 में वर्षों बाद धर्मानुरागियों के काफी संघर्ष के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। इसके बाद से साल में एक दिन वासंतिक नवरात्र की चतुर्थी तिथि को मंदिर खोला जाता है।

तिथि अनुसार दर्शन के लिए सुबह चौक स्थित चित्रा सिनेमा के पास श्रद्धालु एकत्र हुए। हाथों में पूजन सामग्री, माला-फूल, प्रसाद,नारियल, ध्वज लेकर माता की जयकार करते हुए ज्ञानवापी पहुँचे। माता का ज्ञानवापी कूप के जल से स्नान कराया और गुलाब, गुड़हल, बेला के फूलों से श्रृंगार किया।  सिन्दूर अर्पण कर मिष्ठान का भोग लगाया और आरती की। माता रानी से विश्व कल्याण व करोना महामारी से मानव समाज की रक्षा के लिए प्रार्थना की। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मंदिर सुरक्षा का धन्यवाद दिया। गुलशन कपूर, पं.विजय शंकर पांडेय, संतोष सेठ,कुश अग्रहरी, जंन्त्रलेश्वर यादव,प्रदीप गुप्ता मोनू,शुभम सेठ,नीरज गुप्ता, अर्जुन गुप्ता, दिलीप केशरी आदि थे ।

इसके अलावा चतुर्थी तिथि को शक्ति की अधिष्ठात्री मां जगदंबा परांबा के चौथे स्वरूप कूष्मांडा के दर्शन के लिए दुर्गाकुंड मंदिर में कतार लगी। सुबह से जारी हुआ सिलसिला दोपहर बाद भी जारी रहा। भक्तों ने माता को नारियल चुनरी फल मिष्ठान अर्पित किए और परिसर जयकार से गुंजा दिया।