अमेरिका के अलबामा में नहीं हटी योगा पर रोक, रूढ़िवादियों का आरोप- यह हिंदुत्व को बढ़ावा देने वाला

 

डेमोक्रेटिक सदस्य जेरेमी ग्रे ने स्कूलों में योगा शुरू करने के संबंध में पेश किया था विधेयक

अलबामा की प्रांतीय सरकार में डेमोक्रेटिक सदस्य जेरेमी ग्रे ने स्कूलों में योगा शुरू करने के संबंध में एक विधेयक पेश किया गया था। इसको पिछले साल मार्च में अलबामा के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने पारित कर दिया।

मोंटगोमरी, एपी। शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ करने में सक्षम भारतीय योगा पूरे विश्व में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। अमेरिका के एक राज्य अलबामा की सरकार ने भी दशकों से चली आ रही रोक को हटाने के लिए योगा बिल पेश किया, लेकिन रूढ़िवादियों के विरोध के कारण इसको फिलहाल टाल दिया गया है। रूढ़िवादी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि योगा शुरू करने से हिंदुत्व को बढ़ावा मिलेगा। उन्हें डर है कि इसके माध्यम से धर्म परिवर्तन किया जा सकता है।

अलबामा की प्रांतीय सरकार में डेमोक्रेटिक सदस्य जेरेमी ग्रे ने स्कूलों में योगा शुरू करने के संबंध में एक विधेयक पेश किया गया था। इसको पिछले साल मार्च में अलबामा के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने पारित कर दिया। अब सीनेट में पारित करने के दौरान रूढ़िवादी (कंजरवेटिव) दो समूहों ने विरोध कर दिया, जिसके कारण विधेयक पारित नहीं हो सका।

विधेयक पेश करने वाले डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि जेरेमी ग्रे ने कहा कि यह धारणा बनाना गलत है कि जो योगा करेगा, वो हिंदू हो जाएगा। मैं दस साल से योगा कर रहा हूं। मैं चर्च जाता हूं और पूरी तरह से ईसाई हूं। समिति के चेयरमैन ने कहा कि योगा संबंधी इस विधेयक को फिर लाया जाएगा। योगा पर 1993 में रोक लगा दी गई थी। अब स्कूलों में फिर योगा शुरू किया जाना था। इस विधेयक के विरोध और समर्थन में नेताओं के साथ जनता भी बंटी हुई दिख रही है।