मुंबई में फाइव स्टार होटल बनेंगे कोविड सेंटर, तीन बड़े अस्थायी अस्पताल भी बनाए जाएंगे

 

मुंबई में फाइव स्टार होटल बनेंगे कोविड सेंटर। फाइल फोटो

बीएमसी ने चार सितारा और पांच सितारा होटलों को कोविड केंद्रों के रूप में परिवर्तित करने का फैसला किया। साथ ही मुंबई में तीन बड़े अस्थायी अस्पताल भी बनाए जाएंगे। यहां प्रमुख प्राइवेट अस्पतालों के पेशेवरों को लगाया जाए।

मुंबई, एजेंसियां।कोरोना संकट के बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सोमवार को कुछ चार सितारा और पांच सितारा होटलों को कोविड केंद्रों के रूप में परिवर्तित करने का फैसला किया। साथ ही, मुंबई में तीन बड़े अस्थायी अस्पताल भी बनाए जाएंगे। यहां प्रमुख प्राइवेट अस्पतालों के पेशेवरों को लगाया जाए, ताकि नए मरीजों को पर्याप्त संख्या में सीसीसी2 उपलब्ध हो सकें। यहां पर जरूरतमंद मरीजों को रखा जाएगा। बीएमसी के मुताबिक, मुंबई के विभिन्न अस्पतालों में अब 325 अतिरिक्त आइसीयू बेड और आइसीयू बिस्तरों की संख्या  2466 हो गई है, जबकि ऑनलाइन बिस्तर आवंटन डैशबोर्ड पर कोविड बिस्तरों की कुल संख्यामुंबई में बनाए जाएंगे तीन बड़े अस्थायी अस्पताल 19,151 हो गई है, जिसमें 141 अस्पताल शामिल हैं, जिनमें वर्तमान में 3777 डीसीएचसी व डीसीएच बेड रिक्त हैं।

नगर आयुक्त आइएस चहल ने कहा कि हर अस्पताल में 200 आईसीयू विस्तरों समेत 2000 विस्तरों की छमता होगी। साथ ही, 70 फीसद विस्तरों में ऑक्सीजन की व्यवस्था होगी। एक हफ्ते में बीएमसी 125 आइसीयू सहित अन्य 1100 कोविड बेड जोड़ेगी। दो वार्डों में काम करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। अपरान्ह तीन बजे और 11 बजे- दूसरी पाली में सभी बिस्तर आवंटन ज्यादातर जंबो के लिए होंगे। फील्ड हॉस्पिटल्स में मरीजों को उनकी मेडिकल स्थिति का आकलन करने के बाद रात भर के लिए फास्ट-ट्रैक बेड दिए गए हैं। बीएमसी यह सुनिश्चित करेगा कि सभी जरूरतमंद रोगियों को दिन के अलावा रात के दौरान भी फास्ट ट्रैक पर बेड मिलेंगे। यह उन लोगों पर भी लागू होगा जो अपनी कोविड परीक्षण रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं या जिन्होंने अपने परीक्षण नहीं करवाए हैं, लेकिन उन्हें 'संदिग्ध श्रेणी' में भर्ती कराया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मानव जीवन बच गए हैं, यह बीएमसी वार्ड वॉर रूम को पिछले दिन परीक्षण किए गए सभी रोगियों को कॉल करने की शुरुआत करने में मदद करेगा और अगली सुबह भी बिस्तर के आवंटन के लिए प्रतीक्षा समय को 24 घंटे तक कम कर देगा। घरों से एकत्रित कोविड परीक्षणों को संसाधित करते समय रोगसूचक रोगियों के स्वाबों को प्राथमिकता दें।

मुंबई, पुणे और नागपुर सहित कई जिलों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में शीघ्र लॉकडाउन लगने की भी उम्मीद है। इधर, कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में महाराष्ट्र ने एक करोड़ टीके लगाए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) प्रदीप व्यास ने एक बयान में कहा, 'हमने आज एक करोड़ डोज को पार कर दिया है। आज दोपहर तक कुल 1,00,38,421 डोज दी गई।'जानकारी के मुताबिक एक करोड़ टीके लगाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पिछले कुछ दिनों से टीके की कमी को लेकर राज्य के कई मंत्री और नेता सवाल उठा चुके हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने केंद्र सरकार पर महाराष्ट्र के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि आबादी और मरीजों की तुलना में महाराष्ट्र से छोटे राज्यों को ज्यादा टीके दिए जा रहे हैं। टीके की कमी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शनिवार को कहा था कि महाराष्ट्र को वैक्सीन की 1.10 करोड़ डोज दी गई है। महाराष्ट्र के अलावा सिर्फ दो राज्यों गुजरात और राजस्थान को ही एक करोड़ से ज्यादा टीके दिए गए हैं।