झारखंड में स्कूल बंद, लेकिन खुले रहेंगे आंगनबाड़ी केंद्र... जानें इसकी वजह...

 

SCHOOL Closed, Jharkhand News: कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रसरकार ने स्कूलों को बंद कर दिया है।
 कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने फिलहाल स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है लेकिन अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। स्पष्ट है कि आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे।

रांची, राज्य ब्यूरो। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने फिलहाल स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है लेकिन अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। स्पष्ट है कि आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे, इसका झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कस एसोसिएशन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

एसोसिएशन ने इस विषय में समाज कल्याण निदेशक से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि निदेशक ने कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र खुलें रहेंगे, यह ऊपर के पदाधिकारियों का आदेश है। एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष बालमुकुंद सिन्हा ने आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे, केंद्र में 3-6 वर्ष के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी, नाश्ता-खिचड़ी दी जाएगी लेकिन न तो मास्क दिया जा रहा है न ही सैनेटाइजर। सवाल उठाया कि कि क्या आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका को कोरोना नहीं होगा।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा- राज्य में टीके की कमी नहीं

रांची स्वास्थ्य सचिव कमल किशोर सोन ने बुधवार को अड़की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खूंटी में कोविड-19 का पहला टीका लिया। इस मौके पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में टीके की कोई कमी नहीं है, अभी 20 लाख डोज एक सप्ताह में प्राप्त होंगे। अड़की सामुदायिक केंद्र औचक निरीक्षण को पहुंचे स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल के कर्मियों को कोविड के अनुरूप व्यवहार का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीकाकरण के लिए देश भर में कहीं भी रजिस्ट्रेशन एवं वैक्सीनेशन किया जा सकता है।

किसी भी दूरदराज के ग्रामीण इलाके में भी टीका लेना पूरी तरह से सुरक्षित है। कहा, जनता में यही विश्वास दिलाने के लिए मैंने रांची के खूंटी के अड़की प्रखंड में आकर टीका लिया। पंचायत स्तर पर टीका लगवाने का उद्देश्य है कि जनमानस को टीका लगाने के लिए ज्यादा यात्रा न करनी पड़े। इस मौके पर बीडीओ, सीओ, एमओआइसी, राज्य कार्यक्रम समन्वयक, डाटा मैनेजर एवं डीपीएमयू खूंटी के अधिकारी मौजूद थे।