जरूरतमंदों की सहायता कर रहे शैलजा और पंकज

 

पंकज और शैलजा शर्मा की फाइल फोटो।

शैलजा के मुताबिक उनसे सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के लोगों ने मदद के लिए संपर्क किया। वो बताती हैं कि यदि किसी संक्रमित मरीज को बेड दवाई या आक्सीजन नहीं मिलती हैं तो वो खुद हर काल कर के मरीज को मदद पहुंचाने की कोशिश करती हैं।

नई दिल्ली । यह दौर अनिश्चितता का है। मन में हर वक्त डर समाया हुआ है। लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया है। हालत यह है कि अपने ही अपनो का साथ नहीं दे रहे हैं। लेकिन ऐसे समय में कुछ लोग हैं जो मानवता की अद्भभुत मिशाल पेश कर रहे हैं। रोहिणी सेक्टर 21 में रहने वाले दंपत्ति पंकज और शैलजा शर्मा भी जरूरतमंदों की मदद कर कुछ ऐसी ही मिशाल पेश कर रहे हैं।

शैलजा बताती हैं कि वो शुरू से ही समाजिक कार्यों से जुड़ी हुई है और जरूरतमंदो की मदद करती आई हैं। उन्होंने बताया कि ये समय ऐसा है जब हम सब एक दूसरे की मदद कर इस महामारी से जंग जीत सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके आस पास में कई ऐसे लोग थे जो इस दौरान मदद के लिए भटक रहे थे। कई लोगों की नौकरी तक छूट गई। किसी के पास राशन नहीं है तो किसी के पास दवाई। कोई अपनी सांसो के लिए लड़ रहा है तो कोई पेट के लिए। ऐसे में उनके पति के द्वारा प्रेरित करने के बाद उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट और वाट्सएप पर लोगों की मदद करने के लिए एक पोस्ट डाला। जिसमें उन्होंने लिखा यदि किसी भी जरूरतमंद को राशन या दवाई के साथ ही किसी भी अन्य सहायता की जरूरत हो तो वो उनसे संपर्क कर सकते हैं। वो हरसंभव मदद करने की कोशिश करेंगी।

शैलजा के मुताबिक उनसे सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के लोगों ने मदद के लिए संपर्क किया। वो बताती हैं कि यदि किसी संक्रमित मरीज को बेड, दवाई या आक्सीजन नहीं मिलती हैं तो वो खुद हर काल कर के मरीज को मदद पहुंचाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने बताया कि उनसे कुछ होम आइसोलेट वाले मरीजों ने पके हुए भोजन की मांग की थी तो उन्होंने उन मरीजों को रोजाना पका हुआ भोजन बना के दिया। उनके मुताबिक जो मरीज घर पर रहकर ही कोरोना से जंग लड़ रहा है उसके लिए वो और उनके पति जरूरत पड़ने पर आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था कर मदद कर रहे हैं।वहीं, पंकज बताते हैं कि दिल्ली में लाकडाउन के चलते रोज कमाने खाने वाले गरीब मजदूरों के पास राशन की समस्या हैं तो वह उन्हें सूखे राशन की किट देते हैं। जिसमें आटा, दाल, चावल, तेल, चीनी और चाय पत्ती होती है। इसके साथ ही वो मास्क और सेनिटाइजर भी देते है ताकि वह कोरोना के संक्रमण से बचे रहे। वो बताते हैं कि उनसे कई अन्य राज्यों के लोगों ने संपर्क किया जिनके पास आर्थिक परिस्थितियों के चलते राशन नहीं खरीद पा रहे थे तो उन्होंने उनकी आर्थिक तौर पर सहायता की।