प्रीत विहार मेट्रो अस्पताल में एक घंटे की ऑक्सीजन बची, खतरे में मरीजों की जिंदगी

 

दिल्ली सरकार भी यह मान रही है कि कुछ अस्पताल आक्सीजन के आंकड़ों को लेकर गड़बड़ी कर रहे हैं।

 अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यहां पर 200 से ज्यादा कोरोना पीड़ित भर्ती हैं। हमने ऑक्सीजन की कमी के चलते 20 लोगों को खो दिया है जबकि यहां पर भर्ती अन्य मरीजों की जान आफत में है।

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में शनिवार को भी ऑक्सीजन खत्म होने या फिर खत्म होने की कगार पर... जैसी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। जागरण संवाददाता से मिली जानकारी के मुबातिक, दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की बात सामने आई है। कोरोना संक्रमित मरीज को बचाने के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है​। उसकी सांसें बंद हो रही होती है तो इसे अस्पताल में आक्सीजन देकर बचाया जाता है, लेकिन दिल्ली में फिलहाल हालात गंभीर बन गए हैं। बहुत से अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी है।

पूर्वी दिल्ली स्थित प्रीत विहार मेट्रो अस्पताल में करीब एक घंटे की ऑक्सीजन बची है। अस्पताल प्रबंधन ने तीमारदारों से कह दिया है कि वे अपने मरीज़ों को दूसरे अस्पताल में ले जाएं। जहां से गैस आती है, वहां से आने की कोई संभावना नज़र नहीं आ रही है। दिल्ली पुलिस ऑक्सीजन की व्यवस्था करने का प्रयास कर रही है।

अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकीलल राहुल मेहरा ने जानकारी दी कि हमें सिर्फ 296 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई, जबकि हमारा कोटो 480 टन का है। अगर जल्द ही मांग के अनुरूप ऑक्सीजन नहीं मिली तो दिल्ली का सिस्टम बैठ जाएगा।

लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल के एमडी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि सारे आइसीयू बेड चार-पांच दिन पहले ही भर गए थे। कोरोना वायरस संक्रमित कुछ गंभीर मरीजों को 40-50 लीटर ऑक्सीजन की आवश्कता है। 

जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 मरीजों की मौत

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली से बुरी खबर आ रही है। दिल्ली के नामी अस्पताल में जयपुर गोल्डन में फिलहाल एक से डेढ़ घंटे की ही ऑक्सीजन बची है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, यहां पर 200 से ज्यादा कोरोना पीड़ित भर्ती हैं। हमने ऑक्सीजन की कमी के चलते 20 लोगों को खो दिया है। ऑक्सजीन की कमी के चलते 20 मरीजों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि यहां पर भर्ती अन्य मरीजों की जान आफत में है, क्योंकि ऑक्सीजन लगातार कम हो रही है।

महाराजा अग्रसेन ने HC में दायर की याचिका

ऑक्सीजन की कमी को लेकर महाराजा अग्रसेन अस्पताल ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने सुनवाई कर रही है।

नोएडा के कोविड सेंटर में सिर्फ एक घंटे की ऑक्सीजन शेष

नोएडा सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में महज एक घंटे की ऑक्सीजन बची है। यहां करीब 400 मरीज भर्ती है। इनमें 40 मरीज आईसीयू में है। ऐसे में अगर इन्हें समय पर ऑक्सीजन नहीं मिली, तो बड़ी अनहोनी हो सकती है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि सूरजपुर स्थित आइनाक्स आक्सीजन के प्लांट से एक टैंकर अस्पताल के लिए निकल चुका है। जो जल्द ही अस्पताल पहुंच जाएगा।

पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति में तकनीकी समस्या आ गई है। मौके पर तकनीकी टीम इस समस्या को दूर करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही समस्या दूर कर ली जाएगी। यहां पर बड़ी संख्या में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज भर्ती  

सरोज अस्पताल प्रबंधन की  ओर से कहा गया है कि ऑक्सीजन की कमी के चलते हम अस्पताल में भर्ती बंद कर रहे हैं। इसके साथ ही हम मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर रहे हैं। 

वहीं, बतरा अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर एचपीएल गुप्ता ने बताया है कि हमें 500 लीटर ऑक्सीजन ही दी गई है, जबकि हमारी मांग 8000 लीटर रोजाना है। अस्पताल में फिलहाल 350 कोरोना के मरीज भर्ती हैं। उधर,