जर्मनी की चांसलर मर्केल ने देश में कड़े लॉकडाउन का किया समर्थन

जर्मनी में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए नेताओं ने की लॉकडाउन की मांग।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कड़े लॉकडाउन का समर्थन किया है। जर्मनी में संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए कई क्षेत्रीय नेताओं ने छोटी अवधि के लॉकडाउन की मांग की है।

म्यूनिख, एजेंसियां। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कड़े लॉकडाउन का समर्थन किया है। सरकार की उप प्रवक्ता अलरिक डेमर ने कहा कि सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि लॉकडाउन का प्रारूप क्या हो।

जर्मनी में संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए नेताओं ने की लॉकडाउन की मांग

जर्मनी में संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए कई क्षेत्रीय नेताओं ने छोटी अवधि के लॉकडाउन की मांग की है। बता दें कि जर्मनी में लगभग तीन लाख लोग कोरोना संक्रमित हैं और अब तक 77 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना संक्रमण के चलते फिलीपींस के पीएम ने की बैठक निरस्त

उधर, स्टाफ के दर्जनों कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद फिलीपींस के प्रधानमंत्री रोड्रिगो दुतेर्ते ने साप्ताहिक टीवी संबोधन और कोरोना टास्क फोर्स के साथ होने वाली अपनी बैठक को निरस्त कर दिया है। इस बीच थाइलैंड की राजधानी बैंकाक में कोरोना के ब्रिटिश वैरिएंट के 24 मामले मिले हैं। यह वैरिएंट आम स्ट्रेन की तुलना में ज्यादा संक्रामक है।

जर्मनी में 18 अप्रैल तक लॉकडाउन

पूरी दुनिया में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए जर्मनी ने 18 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। देश के 16 राज्यों के गवर्नरों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि पूर्व में 28 मार्च तक लगाए गए प्रतिबंध 18 अप्रैल तक जारी रहेंगे। कोरोना वायरस के ब्रिटेन में पाए गए प्रकार के फैलने के बाद जर्मनी में संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं और प्रतिदिन सामने आने वाले मामलों की संख्या अमेरिका से भी ज्यादा हो गई है।

मर्केल ने कहा- यह नया वायरस अधिक घातक और संक्रामक है

मर्केल ने बर्लिन में कहा कि हम महामारी के नए प्रकार से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम नए वायरस से मुकाबला कर रहे हैं जो पहले जैसा है, लेकिन इसका स्वभाव अलग है। यह अधिक घातक और संक्रामक है तथा लंबे समय तक संक्रामक रह सकता है।