बंगाल के उलबेरिया में तृणमूल नेता के घर से ईवीएम और वीवीपैट बरामद, सेक्टर ऑफिसर निलंबित

 


तृणमूल नेता के घर से ईवीएम और वीवीपैट बरामद
उलबेरिया में तृणमूल नेता के घर से ईवीएम और वीवीपैट बरामद। रात के अंधेरे में सेक्टर ऑफिसर खुद चुनाव आयोग की गाड़ी से लेकर आए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर तृणमूल नेता के घर के सामने किया विरोध-प्रदर्शन। मामले में सेक्टर ऑफिसर को किया गया निलंबित।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। हावड़ा जिले की उलबेरिया उत्तर विधानसभा सीट के तुलसीबेरिया इलाके में एक तृणमूल नेता के घर से ईवीएम और वीवीपैट बरामद हुए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर गौतम घोष नामक उक्त तृणमूल नेता के घर के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब दो बजे स्थानीय सेक्टर ऑफिसर चुनाव आयोग की गाड़ी से ईवीएम और वीवीपैट लेकर तृणमूल नेता के घर पहुंचे थे। गाड़ी से उन्हें उतारते वक्त पड़ोस के कुछ लोगों को इसका पता चला तो उन्होंने इसका प्रतिवाद किया। इसके बाद वहां भाजपाइयों का जमावड़ा लग गया और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

उन्होंने सेक्टर ऑफिसर को अटका कर रखा। सेक्टर ऑफिसर का कहना है कि वे असिस्टेंट सेक्टर ऑफिसर के परामर्श पर ईवीएम व वीवीपैट को सुरक्षित रखने के लिए उसे तृणमूल नेता के घर लेकर आए थे। सेक्टर ऑफिसर ने हालांकि स्वीकार किया कि उसने नियमों के विरुद्ध कार्य किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि ईवीएम में गड़बड़ी कर वोट लूटने के इरादे से उन्हें तृणमूल नेता के घर लाया गया था। खबर पाकर राजपुर थाने की पुलिस और सीआरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। सेक्टर ऑफिसर को निलंबित कर दिया गया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा कि तृणमूल एक तरफ ईवीएम पर सवाल उठाती है और दूसरी तरफ उसे घर में रखती है। तृणमूल जानती है कि वह चुनाव में हार चुकी है इसलिए अब वह बदमाशी करके जीतने की कोशिश कर रही है। यह आज की बात नहीं है बल्कि उसकी पुरानी आदत है। पंचायत चुनाव के समय न्यूटाउन से भी वे लोग ईवीएम उठा ले गए थे और हुगली नदी में फेंक दिया था। ये सब घटनाएं चुनाव के समय घटती ही हैं। हमें इन सब चीजों को बदलने में वक्त लगेगा। 

बता दें कि तीसरे चरण में तीन जिलों हावड़ा, हुगली और दक्षिण 24 परगना की 31 सीटों पर कुल 205 प्रत्याशी मैदान में हैं। हावड़ा की सात, हुगली की आठ और दक्षिण 24 परगना जिले की 16 सीटें हैं। इन सभी सीटों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है और धारा 144 लागू है। पिछले विधानसभा चुनाव में इन 31 सीटों में से 30 पर तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा जमाया था। तीसरे चरण में कुल 78,52,425 मतदाता 10,871 बूथों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। केंद्रीय बलों की 618 कंपनियां तैनात हैं। सबसे ज्यादा 307 कंपनियां दक्षिण 24 परगना जिले में तैनात हैं।

आठ चरण में चुनाव और दो मई को नतीजे

राज्य में 294 विधानसभा सीटों पर आठ चरणों में मतदान होने हैं। पहले चरण का मतदान 27 मार्च और दूसरे चरण का मतदान 1 अप्रैल, 6 अप्रैल को यानी आज तीसरे चरण का मतदान, 10 अप्रैल को चौथे,  17 अप्रैल को पांचवें,  22 अप्रैल को छठे, 26 अप्रैल को सातवें और 29 अप्रैल को आठवें चरण का मतदान होगा। नतीजे दो मई को आएंगे।