चीन में उइगर बहुल क्षेत्र के दो पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा, आतंकवाद के मामलों में ठहराए गए दोषी

 

चीन के शिनजियांग क्षेत्र में मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक नया मामला सामने आया है।

चीन के शिनजियांग क्षेत्र में अत्याचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक नया मामला सामने आया है। उइगर मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र के दो पूर्व अधिकारियों को आतंकवाद और अलगाववाद के आरोपों में दोषी ठहरा मौत की सजा सुनाई गई है।

बीजिंग, एएनआइ। चीन के शिनजियांग क्षेत्र में अत्याचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक नया मामला सामने आया है। उइगर मुस्लिम  बहुल इस क्षेत्र के दो पूर्व अधिकारियों को आतंकवाद और अलगाववाद के आरोपों में दोषी ठहरा मौत की सजा सुनाई गई है। वॉइस ऑफ अमेरिका के अनुसार, शिनजियांग के उच्च पीपुल्स कोर्ट के उपाध्यक्ष वांग लांगटाओ ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि सत्तार साउत और शिरजत बावुदुन को मौत की सजा दी गई है।

पूर्व शिक्षा अधिकारी सत्तार को अलगाववाद, आतंकवाद और उइगर भाषी स्कूली किताबों में धार्मिक चरमपंथ को बढ़ावा देने का दोषी पाया गया जबकि प्रांतीय न्याय विभाग के प्रमुख रहे शिरजत को ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट से जुड़ाव के मामले में दोषी पाया गया। संयुक्त राष्ट्र ने इस मूवमेंट को आतंकी संगठन के तौर पर सूचीबद्ध किया है।

बता दें कि वैश्विक स्तर पर निंदा होने के बावजूद चीन का उइगर मुस्लिमों  पर अत्याचार थम नहीं रहा है। लाखों उइगरों को हिरासत केंद्रों में भेज दिया गया है। इन मुस्लिमों की धार्मिक आजादी पर तमाम तरह की पाबंदियां भी लगा दी गई हैं। हालांकि चीन उइगरों पर अत्याचार के आरोपों को खारिज करता है और हिरासत केंद्रों को व्यावसायिक शिक्षा केंद्र करार देता है। बाइडन प्रशासन शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ चीन के अत्याचार को नरसंहार करार दे चुका है।

उल्‍लेखनीय है कि हाल ही में अमेरिका और चीन ने संयुक्त राष्ट्र में नस्लवाद के मसले पर आपस में भिड़ गए थे। अमेरिका ने चीन पर उइगर मुस्लिमों (Uyghur Muslims) के खिलाफ नरसंहार के आरोप लगाया जबकि चीन ने अमेरिका पर भेदभाव और नफरत फैलाने के आरोप लगाए। सनद रहे कि बीते दिनों अमेरिका और चीन के बीच अलास्का में हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के बीच कैमरे के सामने ही नोकझोंक देखी गई थी।