रूसी विदेश मंत्री से जयशंकर की मुलाकात, अफगानिस्तान, पुतिन सहित ये मुद्दे रहे चर्चा का केंद्र

 

जयशंकर बोले- दुनिया में हुए बदलाव के बाद भी दोनों देशों के रिश्ते हुए मजबूत

भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से रूसी विदेश मंत्री ने हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्री के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस दौरान अफगानिस्तान पुतिन सहित तमाम मुद्दों पर बातचीत हुई।

नई दिल्ली, एएनआइ। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव  भारत की दो दिवसीय यात्रा पर है। आज यानी 6 अप्रैल को भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से रूसी विदेश मंत्री ने हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्री के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस दौरानरूसी  राष्ट्रपति पुतिन, अफगानिस्तान और दोनों देशों के रिश्तों पर बातचीत हुई। 

दुनिया में बदलाव के बाद भी दोनों देशों के रिश्ते हुए मजबूत

जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते बहुत खास है। मंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों में दुनिया में तेजी से बदलाव के बावजूद भी हमारे संबंध मजबूत हो रहे है। 

राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा की तैयारियों के बारे में हुई चर्चा

इतना ही नहीं बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि दोनों के बीच इस वर्ष के अंत में होने वाली वार्षिक शिखर बैठक के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा की तैयारियों के बारे में चर्चा की गई। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा द्विपक्षीय सहयोग ऊर्जावान बना हुआ है। हमने परमाणु अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी के बारे में बातचीत की।

अफगानिस्तान में क्या होता इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर 

इसके साथ ही विदेश मंत्री अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि एक प्रश्न जिस पर काफी देर तक बातचीत की। यह अफगानिस्तान का विषय है क्योंकि अफगानिस्तान में और उसके आस-पास क्या होता है। इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर पड़ता है। 

द्विपक्षीय, राजनीतिक वार्ता अपने उच्चतम स्तर- जयशंकर

अपने संबोधन में आगे जशंकर ने कहा कि महामारी संबंधी प्रतिबंधों के बीच भी हमारी द्विपक्षीय, राजनीतिक वार्ता अपने उच्चतम स्तर पर है। मंत्री ने कहा कि पिछले साल सितंबर में आपके और आपके सहयोगियों की मेजबानी करना सम्मान की बात थी और हमने ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की परिषद और द्विपक्षीय बैठकें भी की थीं। 

रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से दोनों देश बंधे हुए हैं- विदेश मंत्री अपने संबोधन में कहा कि रूस और भारत एक रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से बंधे हुए हैं और हमारी साझेदारी के केंद्र में हमारे राष्ट्रों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता ही है कि हम प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोगी है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष रणनीतिक साझेदारी के 22वें वर्ष पर हमारी रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।