यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा- कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं होगी

 

कोविड इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कही बात

मंत्री सुरेश खन्ना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना बढ़ रहा हैं इसलिए सावधानी रखें। वैक्सीन की कमी के कारण प्रभावित टीकाकरण कार्यक्रम पर कहा कि कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। आज से कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

नोएडा । उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना शनिवार को नोएडा पहुंचे। सेक्टर-59 स्थित एचसीएल में बने कोविड इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने फोन पर कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों का हाल जाना। अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना केस बढ़ रहे हैं इसलिए सावधानी की जरूरत है। स्वच्छता का विशेष रूप से ख्याल रखा जाए। वैक्सीन की कमी के कारण प्रभावित टीकाकरण कार्यक्रम पर कहा कि कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। आज से कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मेरठ स्थित भंडारण केंद्र से स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीन मिली है। सरकार की ओर से कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान संचालित करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप वैक्सीनेशन कार्यक्रम करें। जिससे सभी पात्र नागरिकों को वैक्सीन प्रदान की जा सके।

टेस्टिंग-ट्रैकिंग-ट्रीटमेंट का दिया मंत्र

कोरोना के संक्रमण को रोकने में टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट की अहम भूमिका है। इसलिए इसपर एक बार फिर से जोर देना होगा। टेस्टिंग का तात्पर्य कोरोना संदिग्धों की ज्यादा से ज्यादा जांच की जाए। आरटी-पीसीआर जांच पर ज्यादा जोर दिया जाए। संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की ज्यादा से ज्यादा जांच की जाए। ट्रैकिंग का तात्पर्य है कि जांच के दौरान संक्रमित मिले लोगों के संपर्क में आए लोगों को ट्रैक करके क्वारंटाइन करने के साथ उनकी जांच की जाए। जिससे संक्रमण कम फैले। ट्रीटमेंट का तात्पर्य संक्रमित मरीजों का समय से उपचार किया जाए। होम आइसोलेट मरीजों की कड़ी निगरानी की जाए। जिससे संक्रमण फैलने की संभावना कम से कम रहे।

बेड नहीं मिलने पर नपेंगे अधिकारी

कंट्रोल रूम के माध्यम से कोरोना मरीजों को त्वरित इलाज मिलना संभव हो सके। इसके लिए उन्हें ऐसे अस्पतालों में भेजें जहां पर बेड की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित हो। संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए बेड एवं अन्य चिकित्सा सुविधाओं की पूर्व से ही व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मरीज को बेड नहीं मिलने की शिकायत पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रात्रि कर्फ्यू व कोविड प्रोटोकाल का पालन कराए पुलिस

पुलिस, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। शादी विवाह एवं अन्य सामूहिक कार्यक्रमों में हाल के अंदर 100 और खुले स्थान में 200 व्यक्तियों से अधिक भाग न लें। इसकी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। रात्रि कर्फ्यू का सख्ती से पालन कराया जाए।

 आयोजित हो जागरूकता कार्यकम

संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वैच्छिक संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों की मदद से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाए। मास्क पहनने व शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए। जनप्रतिनिधियों जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग करें।