देश में कोरोना मरीजों के प्रबंधन के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी, टोसिलीजुमैब दवा के इस्तेमाल की सिफारिश

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संशोधित गाइडलाइन जारी। (फोटो: दैनिक जागरण)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों के प्रबंधन के लिए एक संशोधित क्लिनिकल गाइडेंस फॉर एडल्ट कोविड-10 पेशेंट की सिफारिश की। सरकार की ओर से गंभीर बीमारियों के मामले में 24 से 48 घंटों के भीतर Tocilizumab दवा के उपयोग की सिफारिश।

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को वयस्क कोरोना रोगियों के उपचार प्रबंधन के लिए संशोधित मार्गदर्शन जारी किया, जिसमें गंभीर बीमार होने की सूरत में आपातकालीन उपयोग के तौर पर टोसिलीजुमैब दवा के उपयोग की सिफारिश की गई है। इस दवा का उपयोग बीमारी की शुरुआत अथवा आइसीयू में भर्ती होने के 24 से 48 घंटे के भीतर शुरू करने की सिफारिश की गई है। यह दिशा-निर्देश मंत्रालय के अधीन आने वाले एम्स, आइसीएमआर-कोरोना राष्ट्रीय कार्यबल और संयुक्त निगरानी समूह द्वारा जारी किया गया है। टोसिलीजुमैब दवा का उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है।

चिकित्सा उपकरणों की वितरण नीति की निगरानी के लिए याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल करके हर राज्य में एक उच्चस्तरीय समिति गठित किए जाने के निर्देश देने की मांग की गई है जो चिकित्सा उपकरणों की वितरण नीति की निगरानी करे।याचिका में कहा गया है कि राज्यों में गठित उच्चस्तरीय समितियों को कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की निगरानी भी करनी चाहिए, मसलन आक्सीजन की आपूर्ति, अस्पतालों में बेड्स का समुचित आवंटन, रेमडेसिविर दवा और वैक्सीन की समुचित आपूर्ति। यह याचिका अधिवक्ता विशाल तिवारी ने दाखिल की है जिसमें नासिक के अस्पताल में आक्सीजन टैंक में हुए रिसाव की घटना की जांच के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग के गठन के निर्देश देने की मांग भी की गई है।