चमोली में हिमखंड टूटने से चपेट में आया BRO कैंप, सेना ने अब तक 384 लोगों को बचाया; आठ शव बरामद

 

चमोली में हिमखंड टूटने के बाद 291 लोगों को किया गया रेस्‍क्‍यू।

 सुमना क्षेत्र में हिमखंड टूटने के बाद इसकी जद में आए सड़क निर्माण कार्य में जुटे व्यक्तियों को बचाने में सेना का अभियान जारी है। सेना ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राहत बचाव के दौरान 384 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

संवाद सहयोगी गोपेश्वर  उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ सेक्टर के सुमना क्षेत्र में हिमखंड टूटने के बाद इसकी जद में आए सड़क निर्माण कार्य में जुटे व्यक्तियों को बचाने में सेना का अभियान जारी है। सेना ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राहत बचाव के दौरान 384 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसमें छह की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, सेना ने आठ लोगों के शव बरामद कर लिए हैं। बर्फ के नीचे फंसे शेष व्यक्तियों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान भी जारी है। बताया गया कि बर्फबारी के बीच भी सेना ने रेस्क्यू जारी रखा। रात्रि को रेस्क्यू आपरेशन को रोकने के बाद आज सुबह फिर रेस्क्यू शुरू किया गया। वहीं, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हेलीकाप्टर से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया है।  

बताया गया 23 अप्रैल की दोपहर में सुमना टू के बीआरओ शिविर में हिमस्खलन हुआ। जिससे शिविर तबाह हो गया था। शिविर में सड़क निर्माण में जुटे मजदूर, मशीन चालक, अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। जिनकी संख्या अभी साफ नहीं है। परंतु सेना का कहना है कि अभी कई लोग लापता होने की सूचना पर रेस्क्यू जारी है।

गौरतलब है कि बीते दिन सुमना टू में हिमखंड टूटने की सूचना मिली थी ,इस क्षेत्र में सड़क निर्माण के कार्य चल रहा था , ऐसे में वहां रह रहे व्यक्तियो की स्थिति को लेकर जानकारी जुटाने में हो रही देरी से मदद में भी बिलंब होना स्वाभाविक है।    घटना की सूचना के  बाद बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल के नेतृत्व में टीम मौके के लिए रवाना हुई थी, बताया गया कि टीम भी  सड़क बंद होने के चलते रास्ते में ही फंसी है, आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि आईटीबीपी के पास सीमा में संशाधन  उपलब्ध हैं उनके पास घटना को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि आईटीबीपी ने घटना की फिलहाल जानकारी न होने की बात कही है।