क्‍या और बढ़ेगा झारखंड में लॉकडाउन? CM हेमंत पर टिकीं नजरें...

 

Jharkhand Lockdown News, Jharkhand Lockdown Latest News: बढ़ सकता है झारखंड में लॉकडाउन?

झारखंड में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार थम नहीं रही। मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना पर नियंत्रण के लिए 22 से 29 अप्रैल तक झारखंड में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाया। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देख लॉकडाउन बढ़ने के आसार हैं।

रांची,  झारखंड में बेतहाशा बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार थम नहीं रही है। महामारी विकराल रूप धारण करने पर आमदा है। हालांकि, मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए समय रहते राज्‍यभर में लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया है। 22 अप्रैल सुबह छह बजे से 29 अप्रैली सुबह छह बजे तक एक सप्‍ताह का लॉकडाउन प्रदेश में कुछ छूटों और तमाम पाबंदियों के साथ लगाया गया है। लेकिन, कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्‍या में कमी आती नहीं दिख रही। प्रतिदिन कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा शनिवार काे 110 पर पहुंच गया है। हर तरफ हाहाकार मचा है।

कोरोना का चेन तोड़ने को लिए गए लॉकडाउन के बेहद सख्‍त और कड़े फैसले का सड़कों पर तो मुकम्‍मल असर दिख रहा है। लेकिन अस्‍पतालों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख एक बार फिर से झारखंड में लॉकडाउन बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। संभव है कि कोरोना वायरस महामारी की रोक‍थाम और सुरक्षा एहतियात के लिए राज्‍य में कुछ और दिनों या कम से कम एक सप्‍ताह के लिए लॉकडाउन लगाया जाए। बहरहाल मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ही इस पर आखिरी फैसला करेंगे। प्रदेश वासियों की नजरें उनपर टिकी हैं।

देश के मुकाबले झारखंड में दोगुनी है कोरोना संक्रमण दर

झारखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो, संक्रमण की औसत वृद्धि दर पूरे देश के मुकाबले दोगुनी है। राष्ट्रीय औसत से दोगुनी दर पर झारखंड में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने के चलते ही लॉकडाउन को फिर से आगे बढ़ाने की बात की जा रही है। जबकि कोरोना की पहली लहर में झारखंड देश में 15 वें या 16वें स्थान पर रहता था। इस बार उन पांच राज्यों में शामिल हो गया है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण बहुत अधिक है।

झारखंड में 26 दिनों में ही दोगुने हो जा रहे कोरोना संक्रमित

झारखंड में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने के एक सप्ताह की रिपोर्ट देखें तो औसत वृद्धि दर जहां देश में प्रतिदिन 1.36 फीसद रही, वहीं झारखंड में रोज 2.63 फीसद की दर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। यह दर पूरे देश के मुकाबले लगभग दोगुनी है। कोरोना के नए मरीजों की बात करें तो पूरे देश मे 52 दिनों में ये दोगुने हो रहे हैं, जबकि झारखंड में 26 दिनों में ही कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्‍या दोगुनी हो जा रही है। अनुमान के मुताबिक वर्तमान रफ्तार से कोरोना संक्रमण बढ़ा तो मई तक झारखंड में कोरोना के कुल मामले चार लाख तक  (स्वस्थ होनेवाले भी शामिल हैं) पहुंच जाएंगे।

सीएम ने लॉकडाउन लगाने पर कहा था- मुझे क्षमा करें

इधर, कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सख्‍त उपायों के तहत झारखंड में लॉकडाउन लागू करने के बाद मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि जरूरी चीजों और अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर मैंने राज्यभर में लॉकडाउन की घोषणा की है। जरूरतमंदों को दिक्कत न हो, सरकार ने इसका विशेष ध्यान रखा है। उन्‍होंने लोगों से क्षमा मांगते हुए कहा कि झारखंड में कोरोना विकराल रूप धारण कर चुका है, आम जनों की सुरक्षा के लिए ही लॉकडाउन का सख्‍त निर्णय लेना पड़ा। संक्रमण की अचानक बढ़ी रफ्तार के कारण राज्य में कई लोगों की जान गई। आपसे मेरा निवेदन है कि इस विषम परिस्थिति में सरकार का सहयोग करें।

शनिवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने तथा संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर सेना के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करते झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ।

सेना ने संभाली कमान, मिलिट्री हॉस्पिटल में होगा आम लोगों का इलाज

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज अपने आवासीय कार्यालय में भारतीय सेना के उच्‍च अधिकारियों के साथ बैठक की। विचार-विमर्श के क्रम में सैन्य अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के बेहतर इलाज के लिए मिलिट्री हॉस्पिटल, नामकुम में 50 कोविड बेड की तैयारी कर ली गई है। सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि मिलिट्री हॉस्पिटल नामकुम में मंगलवार, 27 अप्रैल से कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार प्रारंभ हो जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा उन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने पर सहमति बनी है।

सीएम हेमंत ने कहा, भारतीय सेना की भूमिका महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने सैन्य अधिकारियों से आग्रह किया कि कोविड-19 की इस लड़ाई में भारतीय सेना की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। अतएव सेना राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर यहां के लोगों को इस संक्रमण की घड़ी में बेहतर इलाज मुहैया कराने हेतु कार्य करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना में आंतरिक खूबियां मौजूद हैं। सेना अपनी क्षमता के अनुरूप कोरोना संक्रमित मरीजों के जीवन रक्षा के लिए आगे आए तथा राज्य में स्थापित अपने स्वास्थ्य संसाधनों का उपयोग कर राहत देने का काम करे। बैठक में राज्य सरकार एवं सैन्य अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल बनाकर आगे की तैयारियों के संबंध में चर्चा की गई।

बैठक में राज्‍य के मुख्‍य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्‍त अरुण कुमार सिंह, मुख्‍यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्‍का, नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे, एनआरएचएम अभियान निदेशक रविशंकर शुक्‍ला के अलावा सेना के मेजर जनरल राजेश कुमार, ब्रिगेडियर रजत शुक्‍ला, कर्नल के विवेक और कर्नल गगन पांडेय शामिल थे।