COVID-19 से बचाव के लिए सोनिया गांधी ने दी सलाह- टेस्ट, ट्रैक व वैक्सीनेशन हो प्राथमिकता

 

कांग्रेस शासित राज्यों के CM के साथ सोनिया गांधी करेंगी बैठक,

देश में जारी महामारी के कहर से उत्पन्न हालात पर चर्चा के लिए कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। बता दें कि अभी हर रोज सवा लाख से अधिक नए मामले रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।

नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी  ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए COVID-19 की स्थिति पर कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की।  बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी इसमें शामिल हुए। बैठक में राज्यों में कोविड-19 के कारण उत्पन्न हालात की समीक्षा की गई। राज्य के मुख्यमंत्रियों से सोनिया गांधी ने हालात का जायजा लेते हुए सलाह दी कि महामारी की दूसरी लहर से बचाव के लिए टेस्टिंग, ट्रैकिंग व वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोनिया गांधी ने केंद्र को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हालात को लेकर उचित तरीके से मैनेजमेंट नहीं हुआ, वैक्सीन का निर्यात किया गया जिससे आज देश के कई राज्यों में वैक्सीन की खुराकों में कमी आई है। बता दें कि महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार समेत कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कमी हो गई है। एक दिन पहले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र लिखकर को कोविड-19 वैक्सीन के निर्यात पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि अन्य वैक्सीन को भी फास्ट ट्रैक तरीके से अप्रूवल दिया जाना चाहिए। साथ ही जिसको भी जरूरत हो वैक्सीन लगवा सके, ऐसी व्यवस्था शुरू करने की जरूरत है। 

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या वैक्सीन के निर्यात के जरिए प्रचार प्रसार की कोशिश की गई। मुख्यमंत्रियों से 11 से 14 अप्रैल के बीच वैक्सीनेशन फेस्टिवल की पीएम की अपील का मामला उठाते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि कोरोना मामलों के बढ़ने के बीच वैक्सीन की कमी एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन का पहला लाभ भारत को मिला फिर भी हम बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं।

राहुल ने अपने पत्र में दावा किया है कि हम 3 महीने में 1 फीसद आबादी का पूरी तरह से वैक्सीनेशन में कामयाब हुए हैं। हमारे यहां वैक्सीन की कमी है, वहीं 6 करोड़ वैक्सीन डोज का निर्यात किया गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वैक्सीनेशन की रफ्तार यह रही तो 75 फीसद आबादी के वैक्सीनेशन में लंबा समय लग जाएगा जिसका प्रभाव भयावह होगा।