रिटायर्ड प्रोफेसर ने Covid-19 से पत्नी को खोया तो साझा किया अपना अनुभव, दी यह नसीहत


रह गई यादें...पत्‍नी डॉक्‍टर हेमलता के साथ इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एके श्रीवास्‍तव। (फाइल फोटो)

इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर एके श्रीवास्‍तव लिखते हैं- आजकल सोशल मीडिया पर एक होड़ लगी है यह सिद्ध करने के लिए कि COVID की इस दूसरी सुनामी जैसी त्रासदी के अपराधी कौन हैं...हम लोग खुद जिम्मेदार हैं इस त्रासदी के लिए... बिना मास्क घूमना सोशल डिस्टैंसिंग का मजाक उड़ाना।

प्रयागराज। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) में रसायन विज्ञान के रिटायर्ड प्रोफेसर एके श्रीवास्तव ने कोरोना महामारी में अपनी पत्नी डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव को खो दिया। अब उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर अपने अनुभव साझा किए हैं। साथ ही लोगों को बचने की नसीहत भी दी है। आप भी जानें कि पूर्व प्रोफेसर ने लोगों के लिए कोरोना को लेकर क्‍या सलाह दी है।

पूर्व प्रोफेसर एके श्रीवास्‍तव ने लिखा- हम लोग खुद हैं जिम्मेदार

वह लिखते हैं कि आजकल सोशल मीडिया पर एक होड़ लगी है यह सिद्ध करने के लिए कि COVID की इस दूसरी सुनामी जैसी त्रासदी के अपराधी कौन हैं...हम लोग खुद जिम्मेदार हैं इस त्रासदी के लिए... बिना मास्क के घूमना, सोशल डिस्टैंसिंग का मजाक उड़ाना, होली में सड़कों पर हुडदंग, होली मिलन की पार्टियां, रैलियों और रोड-शो में जाना.. ये सब क्या किसी सरकार या डाक्टर की राय लेकर किया था हमने... असली अपराधी को बाहर क्यों ढूंढ रहे हैं.. आईना देखिये।

मैने भी आईना देखा...

पूर्व प्रोफेसर एके श्रीवास्‍तव ने लिखा कि इस बीच अपनी अर्द्धांगिनी हेमलता जी को खोया, हम दोनों को कोविड हुआ था, हम दोनों कोविड निगेटिव भी हो गये थे, हेम जी की मृत्यु का कारण किडनी की पुरानी बीमारी के कारण Heart failure था...। हो सकता है उसमें कोविड का भी कुछ रोल रहा हो। हम दोनों Covid संबंधी सारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कर रहे थे।

आईने ने मुझे मेरी गलती दिखा दी...

एके श्रीवास्‍तव ने‍लिखा कि होली के बाद मोहल्ले के एक होली मिलन में मैं गया था.. क्षेत्र के एक बड़े नेता के साथ ही वहां 50-60 लोग रहे होंगे। कोविड पर लंबा भाषण देने के बाद वे मेरी बगल में आकर बैठ गए, 10-15 मिनट बातें करते रहे....तीसरे दिन नेता जी PGI में भर्ती हो गये और हम लोग भी कोविड पाॅजिटिव हो गये... हो सकता है मुझे और नेता जी को किसी तीसरे से इन्फेक्शन मिला हो... गलती मेरी थी मुझे वहां कतई नहीं जाना चाहिए था।

करें कोरोना गाइडलाइन का पालन

पूर्व प्रोफेसर ने फेसबुक पेज पर लिखा कि एक बात और हमें अपने संविधान और उसके निर्माताओं पर गर्व है लेकिन उन देवतुल्य लोगों से भी एक त्रुटि तो हुई और वह यह कि ऐसी किसी त्रासदी के आधार पर चुनाव टालने का कोई प्रावधान ही संविधान में नहीं है... संविधान के अनुसार विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के पहले चुनाव कराना आवश्यक है। कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करें... नकारात्मकता को छोड़कर एक दूसरे की यथासम्भव मदद करें, यही सबसे बड़ी पूजा है।