अब तक लापता है हमारा एक जवान, नक्सलियों के चंगुल में फंसे होने की है आशंंका: CRPF महानिदेशक

 

अब तक लापता है हमारा एक जवान, नक्सलियों के चंगुल में फंसे होने की है आशंंका: CRPF

सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने सुकमा बीजापुर बॉर्डर पर हुए नक्सली हमले से संबंधित तमाम जानकारियों को शेयर करते हुए बताया कि अभी तक लापता एक जवान के बारे में ऐसी खबर है कि वह नक्सलियों के चंगुल में है।

 नई दिल्ली, एएनआइ।  सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर हुए नक्सली हमले पर CRPF के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने मंगलवार को बताया, 'हमारा एक जवान अब तक लापता है। ऐसी अफवाह है कि उसे नक्सलियों ने बंधक बना लिया है। इसके मद्देनजर हम जवानों के साथ ऑपरेशन की तैयारी कर रहे हैं और इस खबर की जांच भी कर रहे हैं। कुलदीप सिंह ने धमकी भरे इमेल के बारे में कहा, 'हमने महाराष्ट्र व केंद्र के एजेंसियों को यह मेल फॉरवर्ड कर दिया है। वे इसपर काम कर रहे हैं और हम उनके निर्देशों के अनुसार काम करेंगे।'  उन्होंने यह भी कहा, 'आपके पास भी कुछ खबरें इस तरह की आई हैं कि नक्सलियों के शायद 28 लोग मारे गए हैं। ये सच है कि वे अपने मारे गए सभी लोगों की संख्या को स्वीकार नहीं करते लेकिन यह संख्या निश्चित तौर पर 28 से ज्यादा होगी। घायलों कि संख्या उससे ज्यादा होगी।' 

महानिदेशक ने आगे बताया, 'शहीद होने वालों में 8 DRG बीजापुर के जवान, 6 STF छत्तीसगढ़ के जवान, 7 कोबरा के जवान और 1 बस्तरिया बटालियन का जवान है। एक जवान अभी लापता है। खबरें चल रही हैं कि वह नक्सलियों के कब्जे में है लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।' उनके अनुसार, 'गांव के सभी लोग भाग गए थे। नक्सलियों ने गांव के घरों को आड़ बनाया था। वहां से वे सुरक्षा बलों पर हमला करते रहे। सुरक्षा बलों उसका पूरा जवाब देती रही। 700-750 की संख्या में नक्सल मिलकर हमला कर रहे थे।'

उन्होंने यह भी बताया, 'जवान जब सर्च करके जंगलों से होते हुए आ रहे थे तो टेकलागुड़म के पास नक्सली घात लगाए बैठे थे। उन्होंने अचानक जवानों पर गोली चलानी शुरू कर दी जिसके जवाब में हमारी सुरक्षा बल ने पलटवार कर दिया। इसमें कई लोग घायल हो गए।'

छत्तीसगढ़ में करीब 400 नक्सलियों ने विशेष अभियान के लिए तैनात किए गए सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया। इसमें करीब 22 जवान शहीद हो गए और 30 घायल हो गए। सुरक्षा बलों के जवानों की एक टुकड़ी ने बीजापुर-सुकमा जिले के बॉर्डर के पास नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना पर तलाशी और उन्हें नष्ट करने का अभियान शुरू किया था।