कोरोना रोगियों के लिए कर्नाटक सरकार चिंतित, अस्पतालों में बेड और ICU की सुविधा का विशेष ख्याल

 

कर्नाटक में कोरोना रोगियों के लिए सरकार चिंतित, अस्पतालों में बेड की सुविधाओं का रखा जा रहा ख्याल

संक्रमण कर्नाटक में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में कोरोना मरीज को सभी सुविधाएं देने के लिए कार्य किया जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने बताया कि राज्य के सभी अस्पतालों में बेड की सुविधाएं की गई है।

बेंगलुरु, एएनआइ। देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर सभी परेशान है। इस भंयकर संक्रमण के चलते सभी अस्पताल में बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार सर्तक हो गई है। यह संक्रमण कर्नाटक में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में कोरोना मरीज को सभी सुविधाएं देने के लिए कार्य किया जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने बताया कि राज्य के सभी अस्पतालों में बेड की सुविधाएं की गई है। उन्होंने कहा कि 30 से अधिक बेड की क्षमता वाले राज्य के सभी अस्पतालों में अब कोरोना रोगियों के लिए 80 फीसद बेड और आइसीयू (ICU) की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही उन्होंने आगे कि राजधानी बेगलुरु में डायलिसिस रोगियों को छोड़कर सभी अस्पताल के बेड को कोरोना रोगियों के लिए लगाया गया है। 

उधर, देश के अधिकतर अस्पतालों में आक्सीजन की भारी कमी के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। दिल्ली ने उत्तर प्रदेश से आक्सीजन की आपू्र्ति न होने की बात कही, तो उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने यह कहकर पलटवार किया कि दिल्ली ने प्रमुख आक्सीजन सप्लायर आइनाक्स से अपने कोटे से अधिक आक्सीजन ले ली है। सांसों के लिए जरूरी आक्सीजन की इस लड़ाई में हरियाणा भी कूद गया, जब दिल्ली पर आक्सीजन लूटने का आरोप लगाते हुए बुधवार को उसने आक्सीजन टैंकरों को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया।

बता दें कोरोना की रफ्तार हर दिन बढ़ रही है। भारत में कोरोना जल्दी-जल्दी रूप बदल रहा है और ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस कारण अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। कोरोना के इस बढ़ते रूप के कारण भारत ने कोरोना के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आंकड़ों की बात करें तो देश में बीते 24 घंटों में तीन लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए है और 21 सौ से ज्यादा लोगों की जान भी चली गई है। यह दुनिया में कोरोना के एक दिन में आए मामलों में सबसे ज्यादा आंकड़ा है। कोरोना के मामले में भारत के अंदर इस समय दुनिया में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।