अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की साजिश, झज्जर कोटली से ISJK का आतंकी दबोचा

 


हथियारों व आतंकवादियों का इस्तेमाल आगामी अमरनाथ यात्रा में खलल डालने में किया जाना था।

 एसओजी के जवानों ने जब उसका पीछा किया और उसे गिरफ्तार कर गाड़ी की छानबीन की तो उसमें से एक पिस्तोल व आठ राउंद तथा करीब 1.13 लाख रुपये बरामद हुए। ये हथियार उसने एक बैग में छिपाए हुए थे।

जम्मू, संवाददाता: दो माह बाद शुरू हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। रविवार को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर झज्जर कोटली नाके पर इस्लामिक स्टेट ऑफ जम्मू-कश्मीर (ISJK) का कमांडर पकड़ा गया है। उससे हथियार व लाखों की नकदी भी बरामद हुई है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने आतंकवादी को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित झज्जर कोटली नाके पर एक पूर्व सूचना के आधार पर की गई नाकेबंदी के दौरान गिरफ्तार किया है।

आतंकी रविवार देर शाम झज्जर कोटली नाके पर गाड़ी से पहुंचा। जैसे ही एसओजी ने जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे वाहन को रूकने का इशारा किया तो आतंकी गाड़ी से भाग निकला।

एसओजी के जवानों ने जब उसका पीछा किया और उसे गिरफ्तार कर गाड़ी की छानबीन की तो उसमें से एक पिस्तोल व आठ राउंद तथा करीब 1.13 लाख रुपये बरामद हुए। ये हथियार उसने एक बैग में छिपाए हुए थे। पूछताछ में आतंकी की पहचान मलिक ओमेद उर्फ अब्दुल्ला पुत्र अब्दुल रशीद मलिक निवासी यारीपोरा, जिला कुलगाम के रूप में हुई है।

पूछताछ के दौरान आतंकी ने बताया कि जम्मू के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हथियारों व गोला बारूक की खेप लेने आया था। इसके अलावा उसने कुछ आतंकवादियों को भी ट्रक में कश्मीर घाटी ले जाना था। लेकिन किन्हीं कारणों से सीमापार से आईएसआई द्वारा ड्रोन से भेजे जाने वाली हथियारों की खेप समय पर नहीं पहुंच पाई और न ही आतंकवादी सीमापार से घुसपैठ कर पाए। इस कारण उसे बैरंग ही कश्मीर घाटी लौटना पड़ा।

पूछताछ के दौरान आतंकी ने बताया कि अगर उसका लक्ष्य पूरा होता तो हथियारों व आतंकवादियों का इस्तेमाल आगामी अमरनाथ यात्रा में खलल डालने में किया जाना था। जम्मू संभाग के आईजीपी मुकेश सिंह के अनुसार आतंकवादी से एक पिस्तोल व उसके आठ राउंद तथा करीब 1.13 लाख रुपये बरामद किए गए है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।