सीएम केजरीवाल के घर के बाहर धरने पर बैठे रहे भाजपा MLA, नहीं हुई मुलाकात; निराश हुए तो सिर्फ ज्ञापन देकर लौटे

 

सीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे भाजपा विधायकः जागरण

भाजपा विधायकों व नेताओं को मुख्यमंत्री आवास के अंदर नहीं जाने दिया गया जिससे नाराज होकर वे धरने पर बैठ गए। विधायकों का कहना है कि दिल्ली में किसानों को तीन सालों से गिरदावरी नहीं मिल रही है।

नई दिल्ली। दिल्ली में गेहूं की खरीद को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। गेंहू खरीद के मुद्दे पर भाजपा विधायकों व किसान मोर्चा के पदाधिकारियों का दल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर पहुंचा। भाजपा विधायकों व नेताओं को मुख्यमंत्री आवास के अंदर नहीं जाने दिया गया जिससे नाराज होकर वे धरने पर बैठ गए। बाद में मुख्यमंत्री आवास में तैनात अधिकारी वहां पहुंचकर उनसे ज्ञापन लिया। इसके बाद भाजपा नेता वहां से चले गए।

भाजपा विधायकों का कहना है कि दिल्ली में किसानों को तीन सालों से गिरदावरी नहीं मिल रही है। किसानों को सर्टिफिकेट भी नहीं दिया जा रहा है जिससे कि एफसीआइ उनसे गेहूं खरीद सके।

इसलिए सीएम केजरीवाल से मिलने गए थे भाजपा विधायक

दरअसल, दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने दावा किया है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) द्वारा गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। मंत्री के दावे को भाजपा विधायकों ने गलत बताया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि एफसीआइ द्वारा छह अप्रैल को गेहूं की खरीद शुरू की गई है। उन्होंने चुनौती दी कि इस विषय पर यदि उनका बयान गलत हुआ तो वह इस्तीफा देंगे अन्यथा मंत्री को अपना पद छोड़ देना चाहिए। इसी मामले को लेकर लेकर शनिवार को वह अन्य विधायकों व किसानों नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। 

किसानों को सर्टिफिकेट देने के लिए गोपाल राय ने रखी शर्त

बता दें कि एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए सबसे जरूरी कागजात गिरदावरी या उसके विकल्प के तौर पर दिए जाने वाले सर्टिफिकेट को लेकर शुक्रवार को भी गतिरोध बना रहा। गेहूं बेचने को इंतजार कर रहे किसानों को एक दिन और गुजर जाने के बाद भी यह पता नहीं लग पाया कि उन्हें आखिर सर्टिफिकेट कौन देगा, जिसको दिखाकर फूड कारपोरेशन आफ इंडिया (एफसीआइ) के गोदाम में किसान गेहूं बेच सकता है।

दिल्ली सरकार के कृषि मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को नरेला मंडी पहुंचकर किसानों को सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने पर सहमति तो जताई, लेकिन साथ ही यह शर्त भी रख दी कि पहले एफसीआइ की ओर से नरेला मंडी में काउंटर खोला जाए। उधर, एफसीआइ की ओर से कहा गया है कि मंडी से मात्र 200 मीटर दूर गोदाम में खरीद केंद्र खुला है, किसान सर्टिफिकेट लेकर आएं और यहां गेहूं बेचें। वहीं मौके पर मौजूद अधिकारी ने कहा कि वह मंडी में काउंटर खोलने के लिए अधिकृत नहीं है।