पंजाब में 10 जून तक बढ़ा मिनी लाकडाउन, कुछ छूट भी मिलेंगी
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो।

पंजाब में मिनी लाकडाउन 10 जून तक बढ़ा दिया गया है। इससे पहले लाकडाउन 31 मई था। हालांकि इस दौरान सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कुछ प्रतिबंधों में छूट का ऐलान भी किया है।

चंडीगढ़।पंजाब में मिनी लाकडाउन 10 जून तक बढ़ा दिया गया है। यह फैसला कोविड रिव्यू बैठक में लिया गया। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोरोना मामलों में आ रही गिरावट को देखते हुए निजी वाहनों में यात्रियों की संख्या की सीमा को हटाने का आदेश दिया। सरकार ने वैकल्पिक सर्जरी और पूर्ण ओपीडी संचालन बहाल करने की भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा आक्सीजन का इंडस्ट्री में उपयोग किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कोविड की समग्र स्थिति में सुधार को देखते हुए सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में वैकल्पिक सर्जरी को फिर से शुरू करने के साथ ही राज्य के सभी जीएमसीएच में ओपीडी संचालन को बहाल करने का भी निर्देश दिया है। बता दें, गंभीर कोविड मामलों के लिए बिस्तरों और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 12 अप्रैल को गैरजरूरी सर्जरी पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने अब इन्हें फिर से शुरू करने की अनुमति दी है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ओपी सोनी ने कहा कि तीन जीएमसी ने पहले ही 50% ओपीडी संचालन शुरू कर दिया है, जिसे जल्द ही 100% तक बढ़ाया जाएगा। प्रतिबंधों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों की सलाह पर प्रतिबंधों को जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी कारों और दोपहिया वाहनों की सीमा को हटाया जा रहा है, क्योंकि इनका उपयोग मुख्य रूप से परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों द्वारा किया जाता है। वाणिज्यिक यात्री वाहनों और टैक्सियों पर नियम जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गैरजरूरी दुकानों को खोलने का फैसला डीसी करेंगे।

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि स्थिति में कुछ ढील के बावजूद राज्य ढिलाई नहीं बरत सकता। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों को महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए कोविड देखभाल बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को मजबूत करने को कहा। उन्होंने उन्हें बाल चिकित्सा देखभाल बढ़ाने और भारत सरकार से 500 बाल चिकित्सा वेंटिलेटर लेने के लिए भी निवेश करने के लिए कहा। बैठक में बताया गया कि पीएमकेयर्स फंड के तहत पहले प्राप्त सभी 809 वेंटिलेटर वितरित किए जा चुके हैं और उनमें से 136 काम नहीं कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने संभावित तीसरी लहर की मांगों को पूरा करने के लिए और अधिक तकनीकी और विशेषज्ञ पदों के सृजन के भी आदेश दिए। डा. राज बहादुर ने बैठक में बताया कि डाक्टरों और नर्सों की भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि अस्थायी अस्पतालों के लिए उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोविड संकट जारी रहने तक सभी विभागों में मध्य स्तर के आइएएस/पीसीएस के तबादलों पर रोक लगा दी जाए। कुछ निजी अस्पतालों द्वारा अधिक कीमत वसूलने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस तरह के संकट के बीच मरीजों से लूट की अनुमति कतई नहीं दी जा सकती। ऐसे अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होगी।