मदद: संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने भारत को 10 हजार आक्सीजन कंसंट्रेटर दिए
संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने की मदद। (फोटो: दैनिक जागरण)
संयुक्त राष्ट्र की टीम राष्ट्रीय और स्थानीय दोनों स्तरों पर अधिकारियों को दे रही सहयोग। कोरोना वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन उपकरण मुहैया करा रहा यूनिसेफ। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कही बात।

संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र। संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए भारत की केंद्रीय और राज्य सरकारों को 10 हजार आक्सीजन कंसंट्रेटर और एक करोड़ मास्क दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र की टीमें राष्ट्रीय और स्थानीय दोनों स्तरों पर अधिकारियों को सहयोग दे रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की टीम ने वेंटिलेटर और आक्सीजन जेनरेटिंग प्लांट भी खरीदा है। इसके अलावा यूनिसेफ कोरोना वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन उपकरण मुहैया करा रहा है।

दुजारिक ने कहा, हमारी टीम टेस्टिंग मशीन और किट के साथ-साथ एयरपोर्ट थर्मल स्कैनर भी उपलब्ध करा रही है। डब्ल्यूएचओ अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र के लिए टेंट और बेड दे रहा है। महामारी से मुकाबले में मदद के लिए इसने हजारों जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी तैनात किए हैं। यूनिसेफ और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम 1,75,000 टीकाकरण केंद्रों की निगरानी में मदद कर रहे हैं। यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोर इससे पहले आगाह कर चुकी हैं कि भारत में कोरोना वायरस की खतरनाक स्थिति हम सब के लिए खतरे की घंटी है। जब तक दुनिया कदम नहीं उठाती और भारत को मदद नहीं करती, तब तक वायरस से संबंधित मौतें, वायरस में म्यूटेशन और आपूíत में देरी के मामले इस क्षेत्र और दुनियाभर में आते रहेंगे।

 एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया पिछले कुछ समय में देश भर में कोरोना वैक्सीन की साढ़े नौ करोड़ से अधिक डोज पहुंचाने में उसकी देखरेख में चल रहे हवाई अड्डों की विशेष भूमिका रही है। ।नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत काम करने वाली एयरपोर्ट अथारिटी (एएआइ) पूरे भारत में 100 से अधिक हवाई अड्डों का प्रबंधन करती है।एएआइ के बयान में कहा गया है कि इसके हवाई अड्डे संयुक्त रूप से एयरलाइंस, विभिन्न राज्य प्रशासन और अन्य हितधारकों के साथ काम कर रहे हैं ताकि टीके की खेप उतारने में समय बर्बाद न हो और उन्हें कोल्ड चेन बनाए रखने के लिए कम से कम समय में राज्य के स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाए।उन्होंने कहा विमान से उतरने के औसतन तीन से 20 मिनट के भीतर टीकों की खेप संबंधित विभागों के हवाले कर दी जाती है। बयान में कहा गया है, एएआइ के हवाई अड्डों के माध्यम से अत्यंत सावधानी बरतते हुए, अब तक लगभग 9.5 करोड़ टीकों की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा चुकी है।