अस्पतालों में खाली हो रहे बिस्तरों ने दी जिंदगी की नई उम्मीद, खाली हुए 15 से 40% बिस्तर

राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए रखे गए 547 बिस्तरों में से 42% खाली हैं।

एक महीने में ऐसा पहली बार हो रहा है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू सहित सभी प्रमुख अस्पतालों में आइसीयू के बिस्तरों सहित अन्य काेविड वाडों के विस्तर भी खाली हो रहे हैं। हालांकि कुछ अस्पतालों में आइसीयू के बिस्तर अभी भी भरे हुए हैं।

जम्मू । पिछले एक सप्ताह से कोरोना संक्रमित मरीजों की कम हो रही संख्या से राहत मिलती नजर आ रही है। एक महीने में ऐसा पहली बार हो रहा है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू सहित सभी प्रमुख अस्पतालों में आइसीयू के बिस्तरों सहित अन्य काेविड वाडों के विस्तर भी खाली हो रहे हैं। हालांकि कुछ अस्पतालों में आइसीयू के बिस्तर अभी भी भरे हुए हैं। लेकिन इससे विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले दो सप्ताह में अगर लाकडाउन जारी रहता है तो संक्रमितों की संख्या आधी ही रह सकती है।

नेशनल हेल्थ मिशन से मिले आंकड़ों के अनुसार, राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए रखे गए 547 बिस्तरों में से 42 फीसद खाली हो गए हैं। इनमें आइसीयू के 9 बिस्तर शामिल हैं। सीडी अस्पताल में भी 110 बिस्तरों में से 52 फीसद बिस्तर खाली हैं। हालांकि इस अस्पताल में आइसीयू के सभी बिस्तर अभी भी भरे हुए हैं। गांधीनगर के जच्चा-बच्चा अस्पताल, पुराने अस्पताल,सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और श्री महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल में भी बिस्तर चालीस से पचास फीसद खाली हो गए हैं। जम्मू के दो प्रमुख निजी अस्पताल आचार्य श्री चंद्र कॉलेज आफ मेडिकल सांइसेज और नारायणा अस्पताल में भी बिस्तर खाली हो गए हैं।

कश्मीर में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। श्रीनगर के सबसे पुराने अस्पतालों में एक श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में 16 फीसद बिस्तर खाली हो गए हें। एक महीने में यह सबसे बेहतर स्थिति है। स्किम्स सौरा में बीस फीसद, सीडी अस्पताल श्रीनगर में 16 फीसद, स्किम्स बेमिना में 37 फीसद और जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में 76 फीसद बिस्तर खाली हैं।

सीडी और जेएलएनएम अस्पतालों में आइसीयू के बिस्तर भी खाली हो रहे हैं। अस्पतालों में इस तरह बिस्तर खाली होने पर डाक्टरों ने भी राहत की सांस ली है। डाक्टरों का मानना है कि अगर इसी तरह की स्थिति रहती है तो यह अच्छे संकेत हैं।

राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू में माइक्रोबायालोजी विभाग के फैकल्टी सदस्य डा. संदीप डोगरा का कहना है कि अगर दो सप्ताह तक लोग एसओपी का पालन करते हैं तो इससे काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या लगातार कम होेगी। हालांकि अभी भी मरीजों की मौत चिंता का विषय बनी हुई है। लेकिन यह भी कम होगी।

डाक्टरों की सलाह

सभी लोग अपना टीकाकरण करवाएं। इससे भी राहत मिलेगी। टीकाकरण करवाने वालों को संक्रमण की आशंका कम रहती है। अगर संक्रमित होता भी है तो उसे अधिक समस्या नहीं होती।डा. राहुल गुप्ता, एचओडी, सीडी अस्पताल

सभी लोग अगर एसओपी का सख्ती के साथ पालन करें। दो मास्क पहनें, शारीरिक दूरी बनाएं रखें, भीड़ नहीं जुटाएंगे तो आने वाले दिनों में और मरीजों की संख्या कम होगी। यही नहीं सभी लोगों को टीकाकरण करवाना होगा।डा. कैलाश ठाकुर, असिस्टेंट प्रोफेसर, जीएमसी जम्मू

अगर आपको लगता है कि आप में कोई लक्षण है तो तुरंत जांच करवाएं। घबराएं नहीं। इससे संक्रमण फैलने की आशंका कम हो जाती है। अगर लोग जागरूक होंगे तो आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और कम होगी।डा. अरुण शर्मा, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जच्चा-बच्चा अस्पताल गांधीनगर