15 दिन की छुट्टी पर आया था संदीप फौजी, पति-पत्नी के बीच उपजे वैचारिक मतभेद के बाद बिगड़े हालात

 

पुलिस कर्मचारी पर भी मिलीभगत का आरोप

पुलिस को बंदी बनाने की सूचना पर डीएसपी महेंद्रगढ कुशल पाल राणा मौके पर पंहुचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया ओर घायलों को अस्पताल भेजा।उन्होंने सभी हालातों का जायजा लिया ओर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है।

कनीना, संवाद सूत्र। झाड़ली वासी फौजी संदीप की हत्या के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। स्थिति को काबू करने के लिए डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम गांव में तैनात हो गई है। संदीप फिलहाल दिल्ली में तैनात था और हाल ही में 15 दिन की छुट्टी आया था। स्वजनों का आरोप है कि वारदात में शामिल ससुरालजनों के साथ पुलिस कर्मचारी भी मिले हुए थे। वे पति-पत्नी के बीच उपजे विवाद के चलते वहां पहुंचे थे। संदीप की शादी करीब दस वर्ष पूर्व लोहारू के समीप सोहासरा में हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। इनमें छह साल की लड़की व चार वर्ष का लड़का है। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो गये। पत्नी की शिकायत पर पुलिस गांव में गई थी। स्वजनों का आरोप है कि चंद्रभान नामक पुलिस कर्मचारी इस मामले में आरोपितों से मिला हुआ है।

पुलिस एसआई की शिकायत पर बंधक बनाने, रास्ता रोक गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने के आरोप में 6 नामजद

दूसरी प्राथमिकी मेें पी-एसआई तपेंद्र की ओर से दर्ज कराई गई है। तपेंद्र ने कहा कि गश्त के दौरान थाने के एमएचसी की ओर से सूचना दी गई कि मनीषा पत्नी संदीप वासी झाड़ली की शिकायत है कि उसके ससुरालजनोंं ने उससे मारपीट कर कमरे में बंद कर रखा है। इस सूचना पर गाड़ी चालक नरेंद्र होमगार्ड जवान दीपक के साथ झाड़ली पंहुचे। जहां मनीषा का पूरा परिवार हाजिर मिला। उन्हें समझाने की कोशिश की। उस समय संदीप उसका भाई राहुल, पिता शिवकुमार व 3-4 अन्य व्यक्तियों ने पुलिस एसआई को घर में बंद कर दिया। वर्दी फाड़ कर जरूरी कागजात भी छीन लिये।

हालात बिगड़ते देख साथी पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला। राहुल ने तेजधार हथियार लेकर धमकी दी वहीं ईलाज के लिए आते समय पत्थरबाजी कर गाड़ी का रास्ता रोकने के प्रयास किये। इस कारण गाड़ी के शीशे चटक गये। पुलिस ने एसआई तपेंद्र की शिकायत पर मृतक संदीप उसके भाई राहुल व पिता शिवकुमार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, वारदात को अंजाम देने, रास्ता रोकने, गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

डीएसपी ने संभाली कमान

पुलिस कर्मचारियों को बंदी बनाने की सूचना पर डीएसपी महेंद्रगढ कुशल पाल राणा मौके पर पंहुचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया ओर घायलों को अस्पताल भेजा। उन्होंने सभी हालातों का जायजा लिया ओर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है।