विक्रम रंधावा 24 घंटे में माफी मांगें या मानहानि के केस का सामना करने को तैयार रहें
हम अकेले आग में नहीं जलेंगे पहले जिला खनन अधिकारी को आग लगाएंगे। मैं उसे गोली मार दूंगा।

 डॉ सिंह की तरफ से उन पर एक करोड़ रुपये का मानहानि का मुकद्दमा दर्ज कराया जाएगा। मुझे लगता है कि विक्रम रंधावा किसी के बहकावे में आकर डॉ सिंह की छवि बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

जम्मू संवाददाता: प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। पार्टी सचिव पूर्व एमएलसी विक्रम रंधावा ने खुलेआम केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह और कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें कथित तौर पर खनन माफिया से जोड़ने का प्रयास किया है। वह यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने आत्मदाह की धमकी देते हुए कहा कि पहले हम जिला खनन अधिकारी को आग लगाएंगे। इस बीच डॉ जितेंद्र सिंह के कार्यालय ने विक्रम रंधावा के आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि वह सार्वजनिक तौर पर क्षमायाचना करें या फिर एक करोड़ रूपये के मानहानि के मामले का अदालत में सामना करने को तैयार रहें।

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह के संसदीय क्षेत्र के प्रभारी संजीव शर्मा ने विक्रम रंधावा के आरोपों को नकारते हुए कहा कि विक्रम रंधावा 24 घंटे के भीतर अपने आरोप साबित करें या फिर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो डॉ सिंह की तरफ से उन पर एक करोड़ रुपये का मानहानि का मुकद्दमा दर्ज कराया जाएगा। मुझे लगता है कि विक्रम रंधावा किसी के बहकावे में आकर डॉ सिंह की छवि बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। डॉ सिंह ने अभी तय नहीं किया है कि वह खुद यह दावा करेंगे या पार्टी मामला दर्ज कराएगी।

वहीं भाजपाध्यक्ष रविंद्र रैना ने रंधावा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सचिव को मंत्री के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। उन्हें यह मामला पहले पार्टी आला कमान के नोेटिस में लाना चाहिए था।

आपको जानकारी हो कि गत सोमवार को अपने घर पर पत्रकारों से बातचीत में विक्रम रंधावा ने भूविज्ञान एवं खनन विभाग पर आरोप लगाए कि स्टोन क्रशरों को सील करने के बावजूद भी उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। इस बारे में जब उन्होंने एक विभागीय अधिकारी से पूछा तो उसने तथाकथित तौर पर कहा कि हम तो एजेंट जैसे ही हैं, केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह को हफ्ता चाहिए। पूर्व एमएलसी और प्रदेश भाजपा सचिव विक्रम रंधावा ने कहा कि जम्मू में रेत-बजरी के अवैध खनन और कुछ खास लोगाें को ही ठेके दिलाने में डा सिंह की तथाकथित भूमिका है। यह मैं नहीं कहता, जम्मू-कश्मीर प्रशासन के कुछ खास अधिकारियों ने ही मुझे बताया है।

रंधावा ने कहा कि भूविज्ञान एंव खनन विभाग ने जम्मू-कश्मीर में स्थानीय उद्योगपतियों की जीना मुश्किल कर दिया है। उन्होंने जिला खनन अधिकारी अंकुर सचदेवा का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने नवंबर 2020 में 14 स्टोन क्रशर पर छापेमारी की। यह सभी क्रशर स्थानीय लोगों के हैं। जब उन्हें वहां कुछ भी गलत नहीं मिला तो उन्होंने जुर्माना करना शुरु कर दिया। मुझे 21 लाख रूपये का नाेटिस भेजा गया, कइयों को 25 लाख का नोटिस मिला। हमने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

अदालत ने 19 अप्रैल को खनन विभाग को स्टोन क्रशर पर पाबंदी हटाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कहा गया कि लगाए गए जुर्माने का 10 प्रतिशत वसूला जाए। लेकिन मैं 10 प्रतिशत भी देने को तैयार नहीं था। अन्य लोगों के कहने पर मैं मान गया। जब हम हाईकोर्ट में लिखकर देने लगे ताे जिला खनन अधिकारी ने 75 लाख का जुर्माना ठोक दिया। अगर जिला खनन अधिकारी ने एक सप्ताह तक अपना नोटिस वापस नहीं लिया तो हम सभी स्टोन क्रशर मालिक अपने स्वजनों के साथ 10 मई को उनके कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे। लेकिन हम अकेले आग में नहीं जलेंगे पहले जिला खनन अधिकारी को आग लगाएंगे। मैं उसे गोली मार दूंगा।

भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच हो, अमर्यादित भाषा निंदनीय : रैना

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविन्द्र रैना ने कहा कि प्रदेश सचिव विक्रम रंधावा ने जो अारोप लगाए हैं, वह भाजपा नेता के तौर पर नहीं बल्कि स्टोन क्रशर एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर लगाए हैं। इसलिए हमारा इससे कोई सरोकार नहीं है, लेकिन जो आरोप हैं, वह काफी संगीन हैं। सच का पता लगाने और दोषियो के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए सरकार को इनकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। विक्रम रंधावा ने उत्तेजना और गुस्से में जोे अमर्यादित भाषा इस्तेमाल की है, वह निंदनीय है।

  • पूर्व एमएलसी व भाजपा नेता विक्रम रंधावा की ओर से लगाए गए आरोपों पर जम्मू में मेरे कार्यालय की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। कार्यालय की ओर से उनका पक्ष ही पेश किया गया है। मैं इससे अधिक कुछ नहीं कह सकता हूं। - डा. जितेंद्र सिंह, राज्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय
  • मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैंने जो किया हाईकोर्ट के निर्देशानुसार ही किया है। हाईकोर्ट के आदेश पर ही हमने तवी नदी मे उत्खनन बंद कराया है। विक्रम रंधावा का भी स्टोन क्रशर है और उनके खिलाफ जो कार्रवाई हुई है, वह नियमानुसार ही हुई है। - अंकुर सचदेवा, जिला खनन अधिकारी