राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को एंफोटेरिसिन-बी की 30 हजार से अधिक खुराकें देगा केंद्र

 

सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को मिलेंगी एंफोटेरिसिन-बी

म्यूकरमाइकोसिस के उपचार के लिए आवश्यक दवा एंफोटेरिसिन-बी का वितरण राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को किया जाएगा। रसायन व उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने सोमवार को इसका ऐलान किया।

नई दिल्ली, एएनआइ। ब्लैक फंगस के उपचार के लिए आवश्यक दवा एंफोटेरिसिन-बी की अतिरिक्त खुराकें केंद्र की ओर से राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को दी जाएंगी। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए जा मरीज ब्लैक फंगस के चपेट में हैं उनके उपचार के लिए दवा की किल्लत के मद्देनजर केंद्र ने सोमवार को ऐलान किया कि एंफोटेरिसिन-बी की 30 हजार से अधिक वायल सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों व केंद्रीय संस्थानों को भेजे जा रहे हैं। आधिकारिक रिलीज के अनुसार, महाराष्ट्र को 5,900 वायल, गुजरात को 5,630 और राजस्थान को 3670 वायल आवंटित हुए हैं।

रसायन व उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा  ने सोमवार को इसका ऐलान किया। आज एंफोटेरिसिन- बी  के 30100 अतिरिक्त वायल सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित किया जा रहा है। यह जानकारी रसायन व उर्वरक मंत्रालय ने दिया है।27 मई को केंद्रीय मंत्री ने एलान किया था कि एंफोटेरिसिन-बी के अतिरिक्त 80,000 वायल सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे जाएंगे। बता दें कि अमेरिकी फर्मा कंपनी गिलियाडसाइंसेज की ओर से एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की खेप भारत भेजी गई। अमेरिका में भारतीय दूत तरनजीत सिंह संधु ने बताया, ' ब्लैक फंगस के इलाज के लिए गिलियाड साइंसेज की ओर से एक और AmBisome की खेप भेजी गई है।' इस बीच महाराष्ट्र के वर्धा स्थित जेनेटिक लाइफ साइंसेज कंपनी ने ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरिसिन-बी इमल्शन इंजेक्शन का उत्पादन शुरू किया है। इस बारे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई दवा की कीमत 1200 रुपये प्रति शीशी होगी। इस साल महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप झेल रहे भारत में संक्रमण से स्वस्थ होने वालों को ब्लैक फंगस हो रहा है जिसके कारण इसके इलाज में काम आने वाली इंजेक्शन एंफोटेरिसिन-बी की भारी कमी हो गई है। वर्ष 2019 के अंत में चीन से निकले घातक कोरोना वायरस के संक्रमण ने दुनिया भर को चपेट में ले लिया। मार्च 2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया था।