डोडा क्षेत्र में आज दोपहर आया भूकंप, रिक्टर स्केल पर 3.2 मापी गई तीव्रता

 

डोडा के साथ लगते किश्तवाड़ और भद्रवाह में भी भूकंप के झटकों के बाद लोग घरों से बाहर निकल गाए।

बुधवार दोपहर 2.34 बजे जम्मू कश्मीर के डोडा जिला में 3.2 रिक्टर स्केल की गति से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।डोडा भद्रवाह किश्तवाड़ भी भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। जम्मू कश्मीर लद्दाख में गत वर्ष सिर्फ सितंबर महीने में 10 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।

जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के डोडा जिला में आज यानि बुधवार दोपहर 2.34 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। फिलहाल अभी तक किसी के जानमाल के नुकसान की कोई भी सूचना नहीं है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर 2.34 बजे जम्मू कश्मीर के डोडा जिला में 3.2 रिक्टर स्केल की गति से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। डोडा के साथ लगते किश्तवाड़ और भद्रवाह में भी भूकंप के झटकों के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पिछले छह महीनों में हर महीने भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। इससे पहले गत तीन नवंबर की सुबह करीब 6.54 बजे दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसकी तीव्रता 3.5 थी। इसका केंद्र लद्दाख के हानले से 51 किलोमीटर दूर था। इसके उपरांत दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च महीनों में भी भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं।

गत वर्ष सिर्फ सितंबर महीने में 10 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे

विशेषज्ञों का मानना है कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में आ रहे भूकंप का केंद्र लगातार लद्दाख में बन रहा है। अगर कोई बड़ा झटका आ गया तो नुकसान होने की संभावना है। रियासी में भी फाल्ट लाइन है। जम्मू संभाग का डोडा, भद्रवाह, किश्तवाड़ भी भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। जम्मू कश्मीर लद्दाख में गत वर्ष सिर्फ सितंबर महीने में 10 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

विशेषज्ञ इसे चिंता का विषय मान रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि इससे दवाब कम होता है और बड़े झटके के आने की संभावना कम होती जाती है। लेकिन लगातार आ रहे झटके खतरा भी बढ़ा सकते हैं।यही वजह है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की सरकार भी लगातार इसके चिंतन में जुटी हुई है। भूकंपरोधी इमारतें बनाने की प्राथमिकता दी जा रही है।