गुजरात में टाक्टे प्रभावित इलाकों का प्रधानमंत्री मोदी ने किया हवाई सर्वेक्षण, अब तक 45 की जा चुकी जान

चक्रवात प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे प्रधानमंत्री मोदी

गुजरात में चक्रवात टाक्टे के कारण अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है और 16000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। इस क्रम में आज प्रधानमंत्री मोदी ने यहां के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया।

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दिल्ली से सीधे भावनगर पहुंचे। यहां उन्होंने चक्रवात तूफान टाक्टे से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। यहां इस तूफान के कारण अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी अमरेली, गिर सोमनाथ और भावनगर जिले में तूफान से हुए नुकसानों का जायजा लेंगे। यहां के बाद प्रधानमंत्री अहमदाबाद जाएंगे और वहां राज्य मुख्यमंत्री विजय रुपाणी तथा वरिष्ठ सचिव स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चक्रवाती तूफान टाक्टे से हुए नुकसान का आकलन करेंगे। गुजरात CMO ने इस बात की जानकारी मंगलवार को ट्वीट के जरिए दी। 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से बात की और चक्रवाती तूफान से राज्य में पैदा हालात का जायजा लिया क्योंकि सोमवार रात वहां तूफान के कारण भूस्खलन भी हुआ।बता दें कि तूफान आज कमजोर हो गया है लेकिन हवा अभी भी 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जारी है। उत्तरी भारत के कई इलाकों में इस तूफान का असर देख गया है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली  के कई इलाकों में इसके कारण बारिश हो रही है। 

तटीय इलाकों में भारी नुकसान, 45 मरे 

गुजरात में चक्रवात टाक्टे ने तबाही मचाई है। यहां अब तक  45 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। चक्रवात से हुए नुकसान के सर्वे के बाद सरकार इसका मुआवजा देगी। गुजरात में बिजली के खंभे तथा पेड़ उखड़ गए तथा कई घरों व सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि चक्रवाती तूफान की वजह से 16,000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि 40 हजार से ज्यादा पेड़ और एक हजार से ज्यादा बिजली के खंभे इसकी वजह से उखड़ गए।  

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि टाक्टे अब कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और जैसे-जैसे उत्तर की तरफ बढ़ेगा यह गहरे दबाव में बदल जाएगा। चक्रवाती तूफान के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और करीब 35 तालुका में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।