दिल्ली में लॉकडाउन खोलने के लिए किया गया सर्वे, जानिए क्या चाहते हैं 80 फीसद व्यापारी

 

अब दिल्ली के 80 फीसद व्यापारी लाकडाउन खोलने के पक्ष में, बोले कड़ी शर्तों के साथ खुलें बाजार और फैक्ट्रियां।

कोरोना के मामलों में कमी आने के साथ हरियाणा व गुजरात जैसे राज्यों में शर्तों के साथ बाजार और फैक्ट्रियां खुलने लगे हैं। दिल्ली में भी संक्रमण में काफी गिरावट आई है इसलिए अब दिल्ली के व्यापारियों ने भी सरकार से बाजारों और फैक्ट्रियों को खोलने की गुहार लगाई है।

नई दिल्ली , कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने के साथ हरियाणा व गुजरात जैसे राज्यों में कुछ शर्तों के साथ बाजार और फैक्ट्रियां खुलने लगे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण में काफी गिरावट आई है इसलिए अब दिल्ली के व्यापारियों ने भी सरकार से बाजारों और फैक्ट्रियों को खोलने की गुहार लगाई है। दिल्ली सरकार ने कोरोना के कारण भयावह होती स्थिति को देखते हुए 31 मई तक के लाकडाउन की घोषणा की थी जो कि अगले सोमवार सुबह तक लागू रहेगा।

दिल्ली में व्यापारियों के संगठन चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) द्वारा इस संबंध में कराए गए आनलाइन सर्वे में तकरीबन 80 फीसद व्यापारी और औद्योगिक संगठनों ने लाकडाउन खोलने के पक्ष में राय दी है। सीटीआइ के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि इस सर्वें में दिल्ली के लगभग 560 व्यापारी संगठनों ने हिस्सा लिया जिसमें कारोबारी, उद्योग, आथित्य व सेवा क्षेत्र के संगठनों ने लिया।सर्वे में कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, सदर बाजार, खारी बावली, करोल बाग, कमला नगर, लाजपत नगर, कनोट प्लेस, कीर्ति नगर, कृष्णा नगर, राजौरी गार्डन, नेहरू प्लेस, साउथ एक्स, शाहदरा, गांधी नगर, लक्ष्मी नगर, रोहिणी, पीतमपुरा, जनकपुरी, मालवीय नगर, द्वारका, ग्रेटर कैलाश आदि बाजारों के व्यापारियों ने हिस्सा लिया।

सीटीआइ के कोषाध्यक्ष सुधीर जैन और उपाध्यक्ष नवदीप मल्होत्रा ने बताया कि इन 560 संगठनों में से लगभग 450 संगठनों का कहना था कि दिल्ली में कोरोना केस और संक्रमण दर कम हो रहे हैं इसलिए अब समय आ गया है कि दिल्ली में एक जून से लाकडाउन खोलते हुए बाजारों और फैक्ट्रियों को खोलने की अनुमति दी जाए, कुछ संगठनों ने कहा कि लाकडाउन एक हफ्ते और आगे बढ़ा दिया जाए और कुछ ने कहा कि सरकार जो भी निर्णय लेगी वो उसके साथ हैं।

बृजेश गोयल ने कहा कि कुछ संगठनों का कहना है कि आड-इवेन के आधार पर बाजारों को खोला जाए तो कुछ का कहना है कि खुदरा और थोक बाजारों के लिए समय अलग-अलग होना चाहिए। कुछ का सुझाव था कि हफ्ते में पांच दिन ही दुकानें खुलें और शनिवार व रविवार को पूर्ण बंद रहना चाहिए। इसी तरह कुछ ने अनुरोध किया है कि रात्रि कर्फ्यू अभी जारी रहना चाहिए। लगभग 60 फीसद व्यापारियों का कहना था कि मेट्रो ट्रेन की सेवा पुनः शुरू होनी चाहिए नहीं तो सड़कों पर ट्रैफिक बहुत बढ़ जाएगा।

80 फीसद से ज्यादा व्यापारी संगठन चाहते हैं कि बाजारों में सैनिटाइजेशन होना चाहिए। सीटीआइ के सर्वे में दिल्ली के 28 ऑद्योगिक क्षेत्रों के फैक्ट्री मालिकों ने भी हिस्सा लिया जिसमें नरेला, बवाना, मंगोल पुरी, मायापुरी, उद्योग नगर, कीर्ति नगर, आनन्द पर्वत, शाहदरा, वजीरपुर, बादली, ओखला, झिलमिल आदि औद्योगिक क्षेत्रों के फैक्ट्री मालिक शामिल थे। सीटीआइ के अनुसार वो इन सभी सुझावों की एक रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपेंगे।