किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर राकेश टिकैत के बाद एक और किसान संगठन नाराज

 

Farmer Protest: हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर यूपी के किसान संगठन नाराज

 भारतीय किसान यूनियन क्रांति के संगठन प्रदेश अध्यक्ष परविंदर यादव ने कहा कि हरियाणा के हिसार में सरकार द्वारा निहत्थे किसान महिला व बच्चों पर लाठीचार्ज व किसानों की गिरफ्तारी की घटना लोकतंत्र की हत्या के समान है।

नोएडा,  संवाददाता। हरियाणा के हिसार में किसानों, बच्चों व महिलाओं पर लाठीचार्ज कर किसानों को गिरफ्तारी करने को लेकर भारतीय किसान यूनियन क्रांति नाराजगी जताई हुए इसकी कड़ी निंदा की है। संगठन प्रदेश अध्यक्ष परविंदर यादव ने कहा कि हरियाणा के हिसार में सरकार द्वारा निहत्थे किसान, महिला व बच्चों पर लाठीचार्ज व किसानों की गिरफ्तारी की घटना लोकतंत्र की हत्या के समान है।

परविंदर यादव ने कहा कि देशभर में 75 फीसद आबादी किसानों की है। पिछले वर्ष लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद 'मन की बात' के दौरान किसानों को सम्मान देने का कार्य किया है। किसानों ने भी संकट के समय देश की अनाज की जरूरत पूरी की है। हरियाणा सरकार को तुरंत सभी किसानों को रिहा करना चाहिए, अन्यथा किसानों के सम्मान में भारतीय किसान क्रांति को कोई विशेष कदम उठाना पड़ेगा। किसानों को रिहा किए जाने की मांग का एक ज्ञापन संगठन की तरफ से प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री, पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी को भेजा गया है। इस मौके पर हिमांशु त्यागी, मितिन भाटी, सुंदर यादव, दुर्गेश चौहान, रविंद्र नागर, सोनू यादव, मुखिया सौरव यादव, रिंकू यादव, अभिषेक नागर व भूपेंद्र यादव मौजूद थे।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी हिसार में किसानों पर लाठीचार्ज लेकर भारी नाराजगी जता चुके हैं।

यह है पूरा मामला

दरअसल, रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हिसार और पानीपत में 500-500 बेड के दो अस्थाई कोविड अस्पतालों का उद्घाटन करना था। इस बीच सीएम के हिसार दौरे से एक दिन पहले ही किसान नेताओं की ओर से वीडियो जारी कर इस दौरे का विरोध करने की घोषणा की थी। वहीं, रविवार को तय  कार्यक्रम के तहत सीएम मनोहर लाल के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सैकड़ों किसान जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं, हालात को संभालने के लिए पुलिस ने किसानों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और उन पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके जवाब में किसानों ने भी पुलिस के ऊपर पथराव किया। सड़क पर पड़े पत्थर उठाकर किसानों ने पुलिस को जवाब दिया। इसके बाद समझौते के तहत किसानों पर मुकदमे वापस लिए गए हैं।गौरतलब है कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग को लेकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों टीकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आगामी 26 मई को तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन को 6 महीने पूरे हो जाएंगे।