दिल्ली में गरीबों को बांटने के लिए मिला राशन स्कूल में रखे-रखे हो गया खराब, मामले की जांच करेंगे उपायुक्त

 

अनाज बर्बादी के मामले की जांच करेंगे खाद्य आपूर्ति विभाग के उपायुक्त

खाद्य आपूर्ति अधिकारी (एफएसओ) का कहना है मामले की जांच के लिए सोमवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के उपायुक्त स्कूल में आएंगे। इसलिए फिलहाल इसे अभी यहां से हटाया नहीं जा रहा है। जैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश होगा इसे हटाने का इंतजाम किया जाएगा।

नई दिल्ली,  संवाददाता। प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत दिल्ली सरकार को गरीबों को बांटने के लिए मिला अनाज स्कूल में ही सड़ जाने के कारण हजारों लोग इसे पाने से वंचित रह गए। यह राशन वसंत कुंज के आसपास की झुग्गियों, गांवों व कालोनियों में रहने वाले गरीबों को देने के लिए आया था। अब यह अनाज जानवरों के चारे के लायक भी नहीं बचा है। निगम के अधिकारी इसे जल्द स्कूल से हटाने के लिए कह रहे हैं।

वहीं, इस क्षेत्र के खाद्य आपूर्ति अधिकारी (एफएसओ) का कहना है मामले की जांच के लिए सोमवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के उपायुक्त स्कूल में आएंगे। इसलिए फिलहाल इसे अभी यहां से हटाया नहीं जा रहा है। जैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश होगा, इसे हटाने का इंतजाम किया जाएगा।

वहीं, स्थानीय पार्षद मनोज महलावत ने बताया कि पिछले साल लाकडाउन के दौरान मार्च में बांटने के लिए यह राशन यहां लाया गया था। महलावत ने आरोप लगाया कि यहां गरीबों को राशन नहीं बांटा गया। गाड़ियों में भरकर अनाज के बोरे कहीं ले जाए जाते थे। उनका आरोप है कि ये राशन गरीबों व जरूरतमंदों के बजाय आप कार्यकर्ताओं को पहुंचाया जा रहा था।उन्होंने बताया कि अगर यह राशन बर्बाद न होता तो इसे मसूदपुर गांव, इस्माइल कैंप, किशनगढ़ गांव व रामलीला मैदान समेत इलाके में झुग्गियों व कोठियों के सर्वेट क्वार्टर में रहने वाले गरीबों को बांटा जा सकता था। राशन न मिलने के कारण लोगों को लाकडाउन के दौरान ही भूखे-प्यासे लोगों को अपने घरों की ओर जाना पड़ा।

गौरतलब है कि मनोज महलावत ने ही शुक्रवार को इस स्कूल में रखे सैकड़ों क्विंटल गेहूं और चावल में फंगस लग जाने का पर्दाफाश किया था। इसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने स्कूल का निरीक्षण कर मामले की सीबीआइ जांच की मांग की थी। दैनिक जागरण ने शुक्रवार को इस पूरी घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।