टीके की कैग से जांच की मांग पर हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस को कन्फ्यूज्ड बताया

टीके की कैग से जांच की मांग पर हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस को कन्फ्यूज्ड बताया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम द्वारा घरेलू टीका उत्पादन की भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से जांच कराए जाने की मांग पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस को कन्फ्यूज्ड पार्टी करार दिया है।

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम द्वारा घरेलू टीका उत्पादन की भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से जांच कराए जाने की मांग पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस को कन्फ्यूज्ड पार्टी करार दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के सदस्यों ने पहले स्वदेश निर्मित वैक्सीन की प्रभावशीलता पर संदेह जताया था। और अब वे इसकी कमी पर सवाल उठा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा, कुछ नेताओं ने भारत में बनी वैक्सीन को लेकर शुरू में डर और हिचक को बढ़ावा दिया। अब वे चाहते हैं कि वही कंपनियां हर भारतीय के लिए पर्याप्त टीके का उत्पादन करे। एक वरिष्ठ नेता ने तो इन कंपनियों का आडिट तक कराने की मांग कर डाली है।

बताते चलें कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने देश में वैक्सीन उत्पादन और आपूर्ति की कैग से जांच कराने की मांग की थी, ताकि गायब वैक्सीन के रहस्य का पता चल सके। इस पर पुरी ने कहा, चिदंबरम उस मनमोहन सिंह सरकार का हिस्सा थे, जिसने सार्वजनिक क्षेत्र की वैक्सीन निर्माता कंपनियों को विघटित कर दिया था। पुरी का इशारा 15 जनवरी, 2008 को मनमोहन सरकार द्वारा सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट-कसौली, पास्चर इंस्टीट्यूट आफ इंडिया-कूनूर और बीसीजी वैक्सीन्स लैब-चेन्नई में उत्पादन का काम निलंबित रखने की ओर था।सरकार का कहना था कि ये कंपनियां ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स रूल्स, 1945 के तहत उत्पादन नियमों का अच्छे से पालन नहीं करतीं। पुरी ने आगे सवाल किया कि क्या घरेलू कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई, ताकि वैक्सीन के आयात पर निर्भर रहा जा सके।