इंटरनेट मीडिया पर ऑक्सीजन मैन से मशहूर हुआ शख्स कालाबाजारी में गिरफ्तार

आरोपित जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का दवा करता था।

 पकड़े गए आरोपित उत्तम नगर निवासी राजेश फतेह नगर निवासी दलप्रीत नबी करीम निवासी मोहम्मद नसीम उर्फ राजा व शाहनवाज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 38 ऑक्सीजन रेगुलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरण बरामद किए हैं।

नई दिल्ली। नई दिल्ली जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने इंटरनेट मीडिया पर ऑक्सीजन मैन के नाम पर प्रसिद्ध शख्स को उसके तीन साथिया के साथ गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपित कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन रगुलेटर, फ्लो मीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर समेत अन्य चिकित्सा उपकरण की कालाबाजारी कर रहे थे। मुख्य आरोपित राजेश ने व्हाट्स एप पर एक समूह बनाया हुआ था। जिसमें वह अपने आप को जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का दवा करता था।

पकड़े गए आरोपित उत्तम नगर निवासी राजेश, फतेह नगर निवासी दलप्रीत, नबी करीम निवासी मोहम्मद नसीम उर्फ राजा व शाहनवाज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 38 ऑक्सीजन रेगुलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरण बरामद किए हैं। आरोपितों ने उपकरणों को रखने के लिए 15 दिन के लिए 50 हजार रुपये में नबी करीम इलाके में एक गोदाम भी किराये पर ले रखा था। वहीं बरामद उपकरण पर जापान टेक्नोलॉजी का स्टीकर लगा हुआ है।

नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त ईश सिंघल ने बताया कि तीन मई को स्पेशल स्टाफ टीम को सूचना मिली थी कि इंटरनेट मीडिया पर एक व्यक्ति अपने आप को ऑक्सीजन सिलेंडर का बड़ा कांट्रैक्टर बता कर ऑक्सीजन सिलेंडर के अलावा अन्य उपकरण उपलब्ध कराता है। टीम ने दिए गए फोन नंबर पर संपर्क किया तो व्यक्ति अपना नाम राजेश बताया।

तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपित की निशानदेही पर उसके तीन अन्य साथी दलप्रीत, मोहम्मद नसीम और शाहनवाज को भी गिरफ्तार कर लिया। उपायुक्त ने बताया कि आगे की पूछताछ में पता चला कि आरोपित राजेश अपने आप को इंटरनेट मीडिया पर ऑक्सीजन मैन के नाम से प्रसिद्ध कर चुका था। उसने बताया कि उसके एक दूर के रिश्तेदार कोरोना के चपेट में आ गए थे। इसी दौरान उसके रिश्तेदार ने मदद मांगी थी। यही से उसे यह विचार आया और वह चिकित्सा उपकरणों की कालाबाजारी करने लगा।

इसी बीच जब चिकित्सा उपकरण की अधिक जरूरत पड़ गई तो वह चाइना से गुरुद्वारा प्रबंधक समिति को उपकरण और ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने वाले राजीव शर्मा के संपर्क में आया और वहीं से वह कालाबाजारी करने लगा। उसने राजीव शर्मा के सामने खुद की ऑक्सीजन मैन वाली छवि पेश की थी। हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी और आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित उपकरणों की सामान्य कीमत से दोगुने-तीगुने दामों में बेच रहे थे।