पहलवान सागर धनखड़ की किन वजहों से हुई मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

 

लोहे की राड या लकड़ी के डंडे से मारे जाने की वजह से सागर के सिर में गंभीर चोटें थी।

बीती 4 मई को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हुई पहलवान सागर धनखड़ की हत्या की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। इस रिपोर्ट में सागर की मौत की वजह उसके सिर में किसी भारी चीज से चोट को बताया गया है।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। बीती 4 मई को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हुई पहलवान सागर धनखड़ की हत्या की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। इस रिपोर्ट में सागर की मौत की वजह उसके सिर में किसी भारी चीज से चोट को बताया गया है। किसी लोहे की राड या लकड़ी के डंडे से बहुत तेजी से मारे जाने की वजह से सागर के सिर में गंभीर चोट आई थी, इसी के साथ उसका सिर भी फट गया था, वहां से काफी मात्रा में खून बह गया, जब तक उसे अस्पताल पहुंचाया गया तब तक उसकी हालत काफी खराब हो गई थी। बाद में उसकी मौत भी हो गई।

फिलहाल पुलिस इस मामले में सागर की जान जाने की वजह लोहे की राड या लकड़ी के डंडे से सिर में मारे जाने को ही मान रही है। एक बात ये भी कही जा रही है कि सागर के साथ मारपीट करने के दौरान वहां मौजूद पहलवानों की भीड़ में से किसी ने उसके सिर पर डंडा या लोहे राड मार दी होगी जिससे उसका सिर फट गया। अंधेरा होने की वजह से उसकी पहचान भी नहीं हो पाई, उस दौरान स्टेडियम में 60 से अधिक पहलवान मौजूद थे, इनमें से अधिकतर के चेहरे पर मास्क लगे थे या कपड़ा बंधा हुआ था। इसके अलावा सागर के शरीर के सीने और कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी सभी जगह चोट के निशान भी पाए गए हैं। पैर के नाखून से लेकर ऊपर के हिस्से तक चोट के निशान मिले हैं। पीठ पर तो डंडों और राड के निशान की गिनती ही नहीं है। इससे साफ जाहिर होता है कि इन लोगों ने सागर को बुरी तरह से पीटा।

मालूम हो कि सागर धनखड़ माडल टाउन स्थित फ्लैट में अपने दोस्तों के साथ रहता था, कुछ दिन पहले उसने ये फ्लैट खाली कर दिया था। ये फ्लैट पहलवान सुशील की पत्नी के नाम पर है। सागर ने इस फ्लैट को तो खाली कर दिया मगर उसका किराया नहीं दिया था। रघुबीर नाम के एक व्यक्ति ने कुछ साल पहले सागर को यह फ्लैट किराये पर दिलवाया था। उसमें सागर धनखड़ के अलावा तीन अन्य पहलवान सोनू, भक्तु व अमित रहते थे। चारों ने खाना बनाने के लिए एक घरेलू सहायक विकास नेपाली को रखा था। भक्तु व अमित को छत्रसाल स्टेडियम में भी छात्रावास मिला हुआ है। इधर, कुछ महीने पहले सोनू ने कहीं दूसरी जगह फ्लैट ले लिया था, लेकिन अक्सर सागर के फ्लैट में उसका आना-जाना था।

अप्रैल में 40 हजार रुपये किराया नहीं देने पर रघुबीर ने सागर को फ्लैट खाली कर देने को कहा। इसपर सभी फ्लैट खाली कर दूसरे फ्लैट एम 2/1 चौथी मंजिल, माडल टाउन में आकर रहने लगे। फ्लैट खाली करने के दौरान रघुबीर के किराया मांगने पर सागर और सोनू ने सुशील से बात करके उसे किराया दे देने की बात कही। रघुबीर से किराया न मिलने की जानकारी मिलते ही सुशील का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसी के बाद पहलवान सुशील सफेद रंग की होंडा सिटी में था।

सुशील के करीबी साथी अजय ने चौथी मंजिल पर जाकर सागर व अन्य से कहा कि सुशील नीचे कार में है और सभी को बुला रहा है। अजय के कहने पर चारों नीचे आ गए। सुशील से साथ बैठे व्यक्ति ने पिस्टल दिखाते हुए चारों को अलग-अलग कारों में बैठ जाने को कहा। कार सवार सभी के पास हाकी स्टिक, लोहे की राड, डंडे और हथियार थे। चारों को अगवा कर वहां से छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। यहां सुशील ने सागर के साथ गाली-गलौज की तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद सुशील व उसके साथियों ने सागर को बुरी तरह पीटा। इसके चलते अस्पताल में उपचार के दौरान सागर की मौत हो गई।

पुलिस ने इस मामले में ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को मुख्य आरोपित बनाया है। घटना के बाद से फरार सुशील अब अदालत से राहत पाने की कोशिशों में जुटा है, हालांकि फिलहाल राहत मिलती दिख नहीं रही है। रोहिणी कोर्ट में अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सागर की हत्या का मुख्य आरोपित सुशील है। आरोप है कि फरार रहते हुए सुशील और सहयोगी गवाहों को धमका रहे हैं।